हनुमानगढ़। नववर्ष जहां आमजन के लिए जश्न, पार्टी और शोर-शराबे का प्रतीक बन चुका है, वहीं समाज के एक बड़े वर्ग के लिए यह दिन भी ठंड, भूख और अभावों के बीच गुजरता है। ऐसे समय में महावीर इंटरनेशनल वीरा सेंटर की महिला सदस्यों ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए झुग्गी-झोपड़ियों में निवास करने वाले तथा सड़क किनारे जीवन यापन कर रहे जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचकर नववर्ष को सेवा के रूप में मनाया।
भीषण सर्दी और ठंडी हवाओं के बीच वीर सेंटर की महिला सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं, जहां उन्होंने जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को गर्म कंबल, ऊनी वस्त्र तथा भोजन वितरित किया। सेवा पाकर लोगों के चेहरों पर आई मुस्कान ने इस नववर्ष को वास्तव में सार्थक बना दिया।
इस अवसर पर वीरा केंद्र की अध्यक्ष कंचन गुप्ता ने कहा कि आज की पीढ़ी का एक बड़ा वर्ग नववर्ष को केवल शोर-शराबे और दिखावे तक सीमित कर चुका है, जबकि समाज में ऐसे भी लोग हैं जो एक समय के भोजन, सिर पर छत और ठंड से बचाव के साधनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्चे अर्थों में नववर्ष मनाना है। उन्होंने कहा कि महावीर इंटरनेशनल वीरा सेंटर का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचना है।
महिला सदस्यों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में झुग्गी-झोपड़ियों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। कई लोग पर्याप्त कपड़े और कंबल के अभाव में रात गुजारने को मजबूर होते हैं। ऐसे में संस्था द्वारा किया गया यह प्रयास उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।
सेवा कार्य के दौरान संस्था की अन्य सदस्यों ने भी सहयोग करते हुए कहा कि समाज की खुशहाली तभी संभव है जब सक्षम वर्ग जरूरतमंदों का सहारा बने। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अपने उत्सवों में सेवा और संवेदना को शामिल करें।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































