– गंगानगर मार्ग पर 4 घंटे चक्का जाम, MSP पर पूरी खरीद व खरीद तिथि बढ़ाने की मांग
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा भारतीय ट्रेड युनियन केन्द्र (सीटू) एवं किसान-मजदूर संगठनों के संयुक्त आह्वान पर गुरुवार को किसानों ने गेहूँ खरीद से जुड़ी समस्याओं को लेकर गंगानगर मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम किया। आंदोलन के दौरान करीब चार घंटे तक मार्ग पूरी तरह जाम रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेहूँ खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाने, किसानों की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने तथा बारदाने एवं गोदामों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि इस वर्ष गेहूँ खरीद प्रक्रिया में लागू बायोमैट्रिक, टोकन सिस्टम और स्लॉट बुकिंग व्यवस्था के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि खरीद प्रक्रिया करीब 20 दिन देरी से शुरू हुई और सरकार ने खरीद अवधि को भी एक माह कम कर दिया है। पहले खरीद 30 जून तक होती थी, जबकि इस वर्ष 30 मई तक ही सीमित कर दी गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंदोलन को संबोधित करते हुए माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि सरकार की अव्यवस्थित नीतियों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस बार गेहूँ की पैदावार रिकॉर्ड स्तर पर हुई है, लेकिन खरीद व्यवस्था कमजोर होने के कारण किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को धीमा कर रही है ताकि किसानों को मजबूरी में निजी व्यापारियों को कम दामों पर गेहूँ बेचना पड़े। रामेश्वर वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि सरकार किसानों और मजदूरों दोनों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ क्षेत्र में नहरी पानी, मीठे ट्यूबवेल और उपजाऊ भूमि के कारण इस बार प्रति बीघा 15 से 20 क्विंटल तक गेहूँ उत्पादन हुआ है, लेकिन स्लॉट सिस्टम में केवल 9 से 12 क्विंटल तक ही रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। इससे किसानों की पूरी उपज सरकारी खरीद में शामिल नहीं हो पा रही है। आत्मा सिंह ने कहा कि यह व्यवस्था किसानों के साथ अन्याय है और इसे तुरंत संशोधित किया जाना चाहिए।
बलदेव सिंह मक्कासर ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त गोदाम होने के बावजूद एफसीआई द्वारा उन्हें नहीं खुलवाया जा रहा है, जिससे मंडियों में गेहूँ के ढेर लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि बारदाने की भारी कमी के कारण खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है और किसान कई दिनों तक मंडियों में इंतजार करने को मजबूर हैं। बलदेव सिंह मक्कासर ने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत बारदाना उपलब्ध नहीं करवाया और खरीद अवधि नहीं बढ़ाई तो किसान संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
किसान सभा तहसील अध्यक्ष सुरेंदर शर्मा ने कहा कि सरकार की तकनीकी व्यवस्थाएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। अधिकांश किसान ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और बायोमैट्रिक प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी होने के कारण छोटे किसान सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सुरेंदर शर्मा ने मांग की कि खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और किसानों की पूरी उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए।
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