भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। माना जाता है कि उनकी पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं और कार्य में सफलता मिलती है। गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2024) को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दौरान बप्पा की पूजा-अर्चना विधिवत रूप से करने का विधान है। चलिए जानते हैं इस साल गणेश चतुर्थी कब से आरंभ हो रहा है। पूजा का शुभ मुहूर्त कब है। इस पर्व का महत्व क्या है।
पंचांग के हिसाब से गणेश चतुर्थी इस साल 06 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 01 मिनट से आरंभ हो रहा है भगवान गणेश का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन 17 सितंबर को होगा।
पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से लेकर 03 बजकर 14 मिनट तक है।
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 58 मिनट तक है।
- निशिता मुहूर्त – रात 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 42 मिनट तक है।
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कैसी होनी चाहिए बप्पा की प्रतिमा
वास्तु शास्त्र में बप्पा की प्रतिमा को बिना मूषक के न स्थापित करें। गणेश जी की प्रतिमा लेते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनके हाथों में मोचक और मूषक का होना बेहद महत्वपूर्ण है। बिना मूषक के पूजा अधूरी मानी जाती है। अपनी इच्छा के अनुसार घर में आप बप्पा की किसी भी रंग की प्रतिमा लेकर आ सकत हैं। विशेष रूप से सफेद और सिंदूरी रंग की प्रतिमा घर में लाना सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसी प्रतिमा को घर में स्थापित करने से सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।
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