राष्ट्रीय आयुष मिशन का 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा शिविर

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– हनुमानगढ़ में क्षार सूत्र, पंचकर्म व योग चिकित्सा से सैकड़ों रोगियों को राहत
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क अंतरंग आयुर्वेद क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा शिविर में जिले भर से आए अनेक लाभार्थी आधुनिक एवं पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार से लाभान्वित हो रहे हैं। यह शिविर 7 जनवरी तक निरंतर संचालित रहेगा, जिसमें प्रतिदिन रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
शिविर प्रभारी डॉ. डी.सी. सारस्वा एवं सहप्रभारी डॉ. देवेंद्र भाम्भू ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को बिना खर्च आयुर्वेद की प्रभावी एवं सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। शिविर में विशेष रूप से क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा के माध्यम से अर्श (बवासीर) एवं भगंदर जैसे जटिल रोगों का सफल उपचार किया जा रहा है, जिससे रोगियों को ऑपरेशन की आवश्यकता के बिना राहत मिल रही है।
शल्य कर्म चिकित्सा के अंतर्गत डॉ. पंकज पोटलिया एवं डॉ. हरवीर सिंह द्वारा क्षार सूत्र पद्धति से उपचार किया जा रहा है। अब तक कई रोगी इस चिकित्सा से लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं आयुर्वेदिक विद कर्म एवं अग्नि कर्म चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉ. बलदेव एवं डॉ. राजन सेतिया द्वारा लगभग 20 रोगियों का सफल उपचार किया गया है।
शिविर में कमर दर्द, सियाटिका, घुटनों एवं अन्य जोड़ों के दर्द से पीड़ित रोगियों के लिए पंचकर्म पद्धति से विशेष उपचार की व्यवस्था की गई है। इस विभाग में डॉ. सत्यप्रकाश एवं डॉ. मनोहर स्वामी द्वारा रोगियों को पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से राहत दी जा रही है। रोगियों ने बताया कि कुछ ही सत्रों में उन्हें दर्द में उल्लेखनीय सुधार महसूस हुआ है।
बाल स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए डाबर इंडिया के सहयोग से 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार भी कराया जा रहा है, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है। अभिभावकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा के अंतर्गत डॉ. कुलदीप द्वारा रोगियों को नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, प्राकृतिक पेय एवं योग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं स्त्री रोग से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु डॉ. पलक बेदी एवं डॉ. डिप्ती सिंघल अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
कुल मिलाकर यह आयुर्वेदिक शिविर जिले के आमजन के लिए स्वास्थ्य लाभ का केंद्र बनता जा रहा है, जहां अनुभवी चिकित्सकों द्वारा समर्पित भाव से सेवाएं दी जा रही हैं और आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

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