बुद्ध पूर्णिमा पर “बचपन के रंग” में सजी रचनात्मकता की झलक

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– मक्कासर में चित्रकला प्रतियोगिता, बच्चों ने बुद्ध-अंबेडकर के विचारों को रंगों में उकेरा
हनुमानगढ़। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर संविधान सेना द्वारा निकटवर्ती गांव मक्कासर स्थित अंबेडकर चौक में “बचपन के रंग” चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि समाज में जागरूकता और महापुरुषों के विचारों के प्रति सम्मान को भी मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप दिया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने महात्मा बुद्ध, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे महान व्यक्तित्वों के चित्र बनाकर उनके विचारों और आदर्शों को दर्शाने का प्रयास किया। बच्चों की कलाकृतियों में सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व जैसे संदेश स्पष्ट रूप से झलकते नजर आए, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर संविधान सेना के संस्थापक राजेश भारतीय, दीपक मेघवाल, पूर्व सरपंच गणपत जी, संदीप मेघवाल, भागीरथ, सुरेंद्र एडवोकेट और मंजू सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने बताया कि “बचपन के रंग” प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना, सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में इस तरह के सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम बच्चों को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी बच्चों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

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