संत रविदास जी के विचार आज भी समरस समाज के लिए प्रासंगिक: महंत राजू दास

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सूरज/ ​लखनऊ । संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित श्री साईं विहार अतिथि गृह (सरदार पटेल डेंटल कॉलेज के समीप) में “जाग्रत हिन्दू–समरस समाज” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सामाजिक समरसता मंच एवं हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक एकता, समानता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
​कार्यक्रम में सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी (अयोध्या धाम) के महंत एवं हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य श्री श्री 1008 महंत राजू दास जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में महंत राजू दास जी महाराज ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज को भेदभाव और जाति-पाति से ऊपर उठकर मानवता, समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी एक समरस और एकजुट समाज के निर्माण का आधार हैं।
​संगोष्ठी में सामाजिक समरसता मंच (पूर्वी उत्तर प्रदेश) के क्षेत्र संयोजक नरेंद्र जी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी शाश्वत मिश्रा ने की। पूरा कार्यक्रम ‘जॉइन RSS’ (अवध प्रांत) के प्रमुख अजय जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
​इस अवसर पर हिन्दू सुरक्षा सेवा संघ के राष्ट्रीय प्रभारी सरून चौहान, प्रांत प्रभारी सचिन, मंडल प्रभारी शिवम, जिला अध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, महानगर अध्यक्ष आलोक,सहित सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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