भगत सिंह की विचारधारा को जिंदा रखना आज की जरूरत – माकपा

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शहीदों ने आजादी के साथ लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दी कुर्बानी – आत्मा सिंह
हनुमानगढ़। भगत सिंह जयंती के अवसर पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की ओर से भगत सिंह चौक स्थित शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी जिला सचिव मण्डल सदस्य आत्मा सिंह, सीपीआईएम तहसील सचिव बसंत सिंह, तहसील सचिव मंडल सदस्य बहादुर सिंह चौहान, हरजी वर्मा, गुरुप्रेम सिंह और सुल्तान खान सहित कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह के जीवन, संघर्ष और विचारधारा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भगत सिंह के राजनीतिक लेखन में स्वतंत्रता के साथ सामाजिक-आर्थिक समानता, मजदूर-किसान हित और जनभागीदारी जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिखाई देता है।
पार्टी जिला सचिव मण्डल सदस्य आत्मा सिंह ने कहा कि भगत सिंह केवल एक नाम या तस्वीर नहीं, बल्कि संघर्ष, समानता और सामाजिक न्याय की विचारधारा का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और अन्य शहीदों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। शहीदों का सपना केवल अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजाद कराना नहीं था, बल्कि ऐसा समाज बनाना भी था जिसमें आम आदमी को सम्मान, अधिकार और बराबरी मिले।
सीपीआईएम तहसील सचिव बसंत सिंह ने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने युवाओं, मजदूरों और किसानों को संगठित करने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की विचारधारा को केवल जयंती और शहादत दिवस पर याद करने के बजाय उसे जनजीवन से जोड़ना जरूरी है। भगत सिंह के लेखन में राजनीतिक चेतना, अध्ययन और तर्कपूर्ण विचारों को महत्वपूर्ण स्थान मिला था।

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