मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद

164

मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है, जिसके बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद कर दी हैं। यह फैसला उस दर्दनाक घटना के बाद लिया गया, जिसमें एक संदिग्ध रॉकेट हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।

गृह विभाग द्वारा 7 अप्रैल को जारी आदेश के मुताबिक, इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट सेवाएं दोपहर 2 बजे से बंद कर दी गईं। इसके साथ ही बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है, जहां यह हमला हुआ।

मोइरांग में क्या हुआ?
यह घटना मोइरांग के ट्रोंग्लाओबी अवांग लेइकाई गांव में हुई, जो मैतेई और कुकी समुदायों के बीच तनाव का केंद्र माना जाता है। देर रात हुए इस हमले में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर विस्फोटक फेंका, जिसमें सो रहे एक 5 साल के बच्चे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई। उनकी मां इस हमले में घायल हो गईं।

ये भी पढ़ें: मणिपुर में तीन लोगों की हत्या, कुकी समुदाय ने घात लगाकर हमला किया, जानें पूरा मामला?

घटना के बाद भड़की हिंसा
इस हमले के बाद इलाके में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। पुलिस स्टेशन के बाहर टायर जलाए गए और एक अस्थायी पुलिस चौकी को नुकसान पहुंचाया गया।हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात किया गया। बाद में एक बड़ी भीड़ ने बिष्णुपुर-चुराचांदपुर सीमा के पास सीआरपीएफ कैंप पर भी धावा बोल दिया।

भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षाबलों को फायरिंग करनी पड़ी और स्मोक बम का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कम से कम 19 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत होने की भी खबर है।

मुख्यमंत्री ने बताया आतंकी हमला
मणिपुर के मुख्यमंत्री Y Khemchand Singh ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “बर्बर और अमानवीय कृत्य” बताया। उन्होंने कहा, “इस हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें ढूंढकर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

बढ़ता तनाव और अफवाहों पर रोक
सरकार का कहना है कि इंटरनेट बंद करने का फैसला अफवाहों और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। इस घटना के बाद राज्य में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है और घाटी के कई इलाकों में हालात फिर से संवेदनशील हो गए हैं।

चैनल को सब्सक्राइब करें

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।