12वीं के बाद विदेश जाने का ट्रेंड, जानिए कौन से कोर्स दिला रहे मोटी सैलरी

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हर साल लाखों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख करते हैं। यह केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बेहतर करियर, वैश्विक एक्सपोज़र और स्थायी नौकरी के अवसर भी इसकी बड़ी वजह हैं। कई छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद उसी देश में नौकरी कर लेते हैं, जिससे उनका करियर इंटरनेशनल स्तर पर आगे बढ़ता है।

पिछले कुछ वर्षों में यह ट्रेंड और तेज हुआ है, खासकर 12वीं के बाद (study abroad after 12th) विदेश जाने वाले छात्रों के बीच। अब छात्र सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि ऐसे कोर्स चुन रहे हैं जिनकी वैश्विक स्तर पर मांग हो और जिनसे सीधे नौकरी के अवसर मिल सकें।

STEM कोर्स: सबसे ज्यादा पसंद STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) से जुड़े कोर्स भारतीय छात्रों की पहली पसंद बने हुए हैं। इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में दुनिया भर में लगातार नौकरियां पैदा हो रही हैं। अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में STEM ग्रेजुएट्स को वर्क वीजा और नौकरी के बेहतर मौके मिलते हैं।

Data Science और AI: Data Science, Artificial Intelligence और Machine Learning से जुड़े कोर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। डिजिटल इकोनॉमी के बढ़ते प्रभाव के कारण कंपनियों को डेटा एक्सपर्ट्स और AI प्रोफेशनल्स की भारी जरूरत है। इन क्षेत्रों में सैलरी भी काफी ऊंची होती है और ग्रोथ के अवसर ज्यादा मिलते हैं।

आर्ट्स, मीडिया और क्रिएटिव फील्ड: Psychology, मीडिया एंड कम्युनिकेशन, डिजाइन और फिल्म स्टडीज जैसे कोर्स भी अब लोकप्रिय हो रहे हैं। डिजिटल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और क्रिएटिव इंडस्ट्री के बढ़ने से इन क्षेत्रों में भी करियर के नए अवसर बन रहे हैं।

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हेल्थ और मेडिकल सेक्टर: Health Sciences, नर्सिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स भी तेजी से चुने जा रहे हैं।
कोविड के बाद हेल्थकेयर सेक्टर का विस्तार हुआ है, जिससे इस क्षेत्र में स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग काफी बढ़ गई है। कई देशों में नर्सिंग और हेल्थकेयर जॉब्स के लिए इमिग्रेशन पॉलिसी भी आसान की गई है।

बिजनेस और मैनेजमेंट: Business Administration, बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस और अकाउंटिंग जैसे कोर्स भी छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ये कोर्स मल्टीनेशनल कंपनियों में करियर बनाने का रास्ता खोलते हैं। खासतौर पर MBA के बाद मैनेजमेंट रोल्स और लीडरशिप पोजीशन पाने के मौके बढ़ जाते हैं।

क्यों बदल रहा है छात्रों का रुझान?

विशेषज्ञों के अनुसार, छात्र अब “डिग्री” की बजाय “एम्प्लॉयबिलिटी” पर ध्यान दे रहे हैं।

  • ग्लोबल जॉब मार्केट की मांग
  • पढ़ाई के बाद वर्क वीजा के मौके
  • बेहतर सैलरी और लाइफस्टाइल
  • इंटरनेशनल एक्सपोज़र

इन सभी कारणों से भारतीय छात्र ऐसे कोर्स चुन रहे हैं, जिनसे उन्हें पढ़ाई के बाद सीधे नौकरी मिलने की संभावना अधिक हो।