बिजनौर में खौफनाक साइबर ठगी, अंतिम संस्कार में भी बजता रहा फोन, जानें क्या है पूरा मामला?

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उत्तर प्रदेश के bijnor digital arrest से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवा मां ने किसी मानसिक बीमारी नहीं, बल्कि फोन पर मिल रही धमकियों के दबाव में अपनी जान दे दी। यह घटना एक ऐसे नए साइबर अपराध की ओर इशारा करती है, जिसमें डर पैदा किया जाता है और नकली कानून के नाम पर लोगों को फंसाया जाता है।

28 वर्षीय मोनिका, जो रणधीर की पत्नी और दो बेटियों जिया (8) और नंदिनी (11) की मां थीं, अपने घर के कमरे में दुपट्टे से फांसी पर लटकी मिलीं। उस समय उनकी दोनों बेटियां पास में ही सो रही थीं। सुबह जब बच्चों की नींद खुली, तो उन्होंने मां को इस हालत में देखा।

शुरुआत में परिवार को मामला संदिग्ध लगा, लेकिन सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में मामला तब गंभीर हो गया, जब परिवार को मोनिका द्वारा लिखा गया एक भावुक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने अपनी मौत की वजह बताई।

अंतिम संस्कार के दौरान सामने आया सच
हैरानी की बात तब हुई जब अंतिम संस्कार के दौरान मोनिका का फोन बार-बार बजने लगा। परिजनों ने जब कॉल उठाया तो सामने एक व्यक्ति वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में नजर आया। उसने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताते हुए मोनिका से बात करने की मांग की। जब उसे बताया गया कि मोनिका की मौत हो चुकी है, तो उसने परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद परिवार को शक हुआ और उन्होंने घर की तलाशी ली, जहां मोनिका की डायरी में एक सुसाइड नोट मिला।

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सुसाइड नोट में खुलासा
सुसाइड नोट में मोनिका ने लिखा था कि एक अज्ञात व्यक्ति लगातार उसे कॉल कर ब्लैकमेल और धमकी दे रहा था। फोन की जांच में कई व्हाट्सएप कॉल, मैसेज और ऑडियो क्लिप मिले, जो कम से कम पांच अलग-अलग नंबरों से आए थे। इनमें कुछ लोग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर मोनिका पर गंभीर आरोप लगाते थे और कानूनी कार्रवाई की धमकी देते थे।

जांच में सामने आया कि ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का झूठा जाल रचा, जिसमें पीड़ित को यह विश्वास दिलाया जाता है कि वह किसी अपराध में फंसा है। इसी डर और मानसिक दबाव के जरिए उससे पैसे वसूले जाते हैं।

मौत के बाद भी जारी रही धमकी
हैरानी की बात यह है कि मोनिका की मौत के बाद भी आरोपी फोन करते रहे और परिवार से पैसे की मांग करते रहे। उन्होंने पति को जेल भेजने और पूरे परिवार को फंसाने की धमकी भी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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पुलिस जांच जारी
मोनिका के पति की शिकायत पर Uttar Pradesh Police ने मामला दर्ज कर लिया है। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस सुसाइड नोट, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।

यह मामला दिखाता है कि कैसे साइबर अपराधी लोगों के डर का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से तोड़ देते हैं। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे स्कैम न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि कई मामलों में लोगों की जान तक ले रहे हैं।गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ऐसे मामलों में कमी जरूर आई है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है।

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