शेफ़ाली जरीवाला की मौत के बाद से विवादों में क्यों आया एंटी एजिंग ट्रीटमेंट? जानें इसके बारें

634

एक्ट्रेस और ‘कांटा लगा’ फेम शेफ़ाली जरीवाला की अचानक मौत के बाद सोशल मीडिया और चिकित्सा जगत में “एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट” को लेकर बहस तेज़ हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी तबीयत बिगड़ने से पहले उन्होंने कथित तौर पर एक आईवी एंटी-एजिंग थेरेपी ली थी, हालांकि पुलिस और मेडिकल टीम की आधिकारिक पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है।

एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट क्या होता है?

एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट का उद्देश्य शरीर को जवान बनाए रखना, त्वचा की उम्र कम दिखाना और शरीर की कार्यक्षमता को बेहतर करना होता है। यह ट्रीटमेंट आमतौर पर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स, हार्मोन थेरेपी, बायोथैरेपी और आईवी ड्रिप्स के जरिए दिया जाता है, जिनमें विटामिन्स, मिनरल्स, ग्लूटाथायोन, कोएंजाइम Q10, और अन्य न्यूट्रिएंट्स मिलाए जाते हैं।

IV एंटी-एजिंग थेरेपी क्या है?

इस थेरेपी में न्यूट्रिएंट्स से भरपूर लिक्विड को सीधे नसों के ज़रिए शरीर में पहुंचाया जाता है। दावा किया जाता है कि इससे त्वचा ग्लो करती है, एनर्जी बढ़ती है और उम्र बढ़ने के संकेत कम दिखाई देते हैं। इसे अक्सर बुटीक क्लीनिक, स्पा और वेलनेस सेंटर्स में बिना मेडिकल निगरानी के भी दिया जा रहा है — यही बात इसे विवादों में डाल रही है।

ये भी पढ़ें: Shefali Jariwala ने मौत से ठीक पहले ली थी IV Drip, दोस्त का खुलासा, जानें पूरा मामला?

क्या यह थेरेपी खतरनाक है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, आईवी ड्रिप थेरेपी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती, खासकर तब जब इसे बिना किसी मेडिकल परीक्षण या जरूरत के लिया जाए। शरीर में कुछ खास न्यूट्रिएंट्स की अधिकता, एलर्जी, या ड्रिप के जरिए बैक्टीरिया प्रवेश करने का खतरा बना रहता है। हृदय, किडनी या लीवर से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों के लिए यह बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

ये भी पढ़ें: क्या 5 जुलाई 2025 को आएगी तबाही? जापानी Baba Vanga की भविष्यवाणी से दुनिया सहमी

क्या शेफ़ाली की मौत से इसका संबंध है?

अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि शेफाली की मौत एंटी-एजिंग ड्रिप की वजह से हुई है या किसी और मेडिकल वजह से। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मुंबई पुलिस ने फिलहाल अज्ञात कारणों से हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बढ़ता चलन, बढ़ता जोखिम

बीते कुछ वर्षों में बॉलीवुड और हाई-प्रोफाइल सर्किल्स में इस तरह के एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया और विज्ञापनों के ज़रिए इन थेरेपी को चमत्कारी बताया जाता है, जबकि वैज्ञानिक आधार और मेडिकल स्वीकृति अक्सर नदारद रहती है।

हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें 

ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।