हनुमानगढ़। आदिवासी मीणा समाज हनुमानगढ़ ने एक बार फिर सामाजिक सेवा और सहयोग की मिसाल कायम की है। समाज की ओर से कॉस्टेबल भर्ती परीक्षा देने के लिए हनुमानगढ़ पहुंचे परीक्षार्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। मीणा धर्मशाला में दूर-दराज से आने वाले अभ्यर्थियों को रहने, खाने-पीने और आराम की सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई गई।
समाज के वरिष्ठ सदस्य पप्पूराम मीणा ने बताया कि यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि वर्ष 2018 से लगातार हर प्रतियोगी परीक्षा में हनुमानगढ़ पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए मीणा समाज इस तरह की सेवा करता आ रहा है। समाज की ओर से न केवल रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की जाती है, बल्कि मेडिकल सुविधा भी मुहैया करवाई जाती है ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संघर्ष कर रहे युवा ही भविष्य में समाज और देश की रीढ़ बनते हैं। ऐसे में समाज का कर्तव्य है कि इन युवाओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। इस सेवा के चलते अभ्यर्थियों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वे पूरी तन्मयता के साथ परीक्षा पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
इस अवसर पर समाज के अनेक सदस्य सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इनमें दिलीप कुमार मीणा, गोवर्धन मीणा, भीवाराम मीणा, प्रेमराज मीणा, हरिराम मीणा, सरदारा राम मीणा, रामधन मीणा, यादराम मीणा, दिनेश मीणा, राहुल मीणा, युधिष्ठिर मीणा, दीपक मीणा, मगनलाल मीणा, कमलेश मीणा और दीपेश मीणा सहित कई लोग शामिल रहे। सभी ने मिलकर धर्मशाला में ठहरे परीक्षार्थियों के लिए भोजन वितरण, पानी की व्यवस्था और अन्य जरूरी सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।
समाज की इस पहल की अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने जमकर सराहना की। उनका कहना था कि अनजान शहर में परीक्षा देने पहुंचने पर सबसे बड़ी चिंता रहने और खाने की होती है। लेकिन मीणा समाज ने इस चिंता को दूर कर दिया। यहां मिलने वाली सुविधाएं न केवल परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को मानसिक शांति देती हैं, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की मिसाल भी पेश करती हैं।




































