गांधी जयंती पर आप कार्यकर्ताओं ने धारण किया मौन, सोनम वांगचुक की रिहाई की माँग

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सचिन कौशिक ने कहा – अन्याय के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है अहिंसा
हनुमानगढ़, 2 अक्टूबर। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शहर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की माँग को लेकर एक घंटे का मौन धारण किया।
गांधी प्रतिमा स्थल पर जुटे कार्यकर्ताओं ने अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेते हुए गांधी जी के विचारों को समाज में जीवित रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज के दौर में अन्याय और दमन के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार अहिंसक प्रतिरोध है। महात्मा गांधी ने पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा का संदेश दिया था और वही विचार आज भी संघर्ष का सबसे प्रभावी साधन हैं।
कार्यक्रम के दौरान सचिन कौशिक सहित बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। सभी ने सामूहिक रूप से शांति, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि गांधी जयंती जैसे पावन अवसर पर सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ को दबाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्यकर्ताओं ने माँग की कि सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करना चाहिए।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बापू के जीवन संघर्ष का स्मरण किया और कहा कि आज जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब गांधी जी के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। अहिंसा केवल एक सिद्धांत नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है, जिसे अपनाकर ही स्थायी शांति की स्थापना संभव है। आम आदमी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि यह मौन प्रदर्शन केवल प्रतीकात्मक है, लेकिन यह जनचेतना जगाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में अन्याय और असमानता है, तब तक गांधी के विचार मार्गदर्शक बने रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने पुनः दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया और सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

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