प्रशासन की अनदेखी पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, जल्द समाधान की मांग

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हनुमानगढ़। धानका/धाणका समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन शनिवार को 69वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर आंदोलन स्थल पर विधायक डूंगरराम गेदर, पीसीसी सदस्य प्रेमराज नायक सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और समाज के साथ एकजुटता व्यक्त की।
धरना स्थल पर समाज के बड़ी संख्या में लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा एकत्रित रहे। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से धाणका समाज अपने संवैधानिक अधिकारों की पुनः बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विधायक डूंगरराम गेदर ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छह वर्षों से धाणका समाज को एसटी जाति प्रमाण-पत्र जारी न किया जाना सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि “धानका” और “धाणका” एक ही जनजातीय समूह हैं, केवल उच्चारण में मामूली अंतर है, इसलिए सरकार को तत्काल इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर समाज को उसका हक देना चाहिए।
पीसीसी सदस्य प्रेमराज नायक ने कहा कि समाज के लोग पीढ़ियों से कृषि उपज मंडियों में मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते आए हैं। पूर्व में उन्हें अनुसूचित जनजाति वर्ग में मान्यता प्राप्त थी और प्रमाण-पत्र निर्बाध रूप से जारी किए जाते थे, लेकिन पिछले 6 वर्षों से मौखिक रोक लगाकर हजारों परिवारों को योजनाओं, छात्रवृत्तियों और रोजगार के अवसरों से वंचित कर दिया गया है। यह स्थिति न केवल संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि सामाजिक अन्याय भी है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि आंदोलन अब निर्णायक चरण में है और यदि शीघ्र ही जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया पुनः शुरू नहीं की गई, तो इसे प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

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