-26 नवंबर को हनुमानगढ़ कलेक्टर कार्यालय पर होगा विशाल प्रदर्शन, तहसील स्तर पर होंगे सेमिनार
हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी की बैठक आज सर्किट हाउस हनुमानगढ़ जंक्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड आत्मा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य पर्यवेक्षक की ओर से कामरेड दुर्गा स्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में जिलेभर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए कामरेड दुर्गा स्वामी ने कहा कि आज देश और प्रदेश दोनों ही स्तर पर सरकारें मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। केंद्र और राज्य की नीतियों के कारण जनता त्रस्त है। महंगाई आसमान छू रही है, बेरोजगारी चरम पर है और आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटने की योजना चलाई जा रही है, जिससे आम घरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जबकि बड़ी-बड़ी कंपनियों को सरकारें फायदा पहुंचा रही हैं।
कामरेड दुर्गा स्वामी ने कहा कि देश में धर्म और जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने की साजिश की जा रही है। धर्मांतरण बिल जैसे कदम सांप्रदायिकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। आदिवासियों से जमीनें छीनी जा रही हैं, दलितों पर लगातार अत्याचार बढ़ रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या राजस्थान में सबसे अधिक दर्ज हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा लगता है मानो कोई सरकार नहीं चल रही है। जनता की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मजदूर, किसान, व्यापारी, महिलाएं, दलित और आमजन पर बढ़ते अत्याचारों, बढ़ते अपराधों, मेडिकल नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीपीएम पूरे देश में आंदोलन तेज करेगी। इसी क्रम में 26 नवंबर को देशभर में जिलाधीश कार्यालयों पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। हनुमानगढ़ में भी जिला कलेक्टर कार्यालय पर पार्टी की ओर से विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिलेभर के किसान, मजदूर, व्यापारी, महिला संगठन और आमजन भाग लेंगे। साथ ही “अक्टूबर क्रांति दृ समाजवाद ही भविष्य है” विषय पर पूरे जिले में 7 नवंबर से तहसील स्तर पर सेमिनारों का आयोजन किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, किसान अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार यह दावा करती है कि किसान अपनी फसल किसी भी मंडी में बेच सकता है, लेकिन जब हनुमानगढ़ का किसान पंजाब या हरियाणा में अपनी उपज लेकर जाता है, तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं और किसानों को जेल में डाल दिया जाता है। यह नीति किसानों के भाईचारे को तोड़ने का काम कर रही है, जिसका विरोध आवश्यक है।
पूर्व विधायक एवं किसान नेता कामरेड बलवान पूनिया ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है, मेडिकल नशे का फैलाव चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुका है, और किसान अपनी फसलों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं, धान, मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इन हालातों में ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता की लूट की दुकान बन चुके हैं और इनके खिलाफ जनसंघर्ष को तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष के मैदान में उतरें और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं।
बैठक में रघुवीर वर्मा, शेर सिंह, चंद्रकला वर्मा, मनीराम मेघवाल, गोपाल बिश्नोई, जे.पी. ढाका, कमला मेघवाल, सुरेंद्र सोनी, रोहिताश सोलंकी, बसंत सिंह, सरबजीत कौर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि पार्टी आने वाले समय में आम जनता के हक की लड़ाई को और मजबूत करेगी तथा जनविरोधी नीतियों का हर स्तर पर विरोध जारी रखेगी।
हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी की बैठक आज सर्किट हाउस हनुमानगढ़ जंक्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड आत्मा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य पर्यवेक्षक की ओर से कामरेड दुर्गा स्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में जिलेभर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए कामरेड दुर्गा स्वामी ने कहा कि आज देश और प्रदेश दोनों ही स्तर पर सरकारें मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। केंद्र और राज्य की नीतियों के कारण जनता त्रस्त है। महंगाई आसमान छू रही है, बेरोजगारी चरम पर है और आम आदमी का जीवन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटने की योजना चलाई जा रही है, जिससे आम घरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जबकि बड़ी-बड़ी कंपनियों को सरकारें फायदा पहुंचा रही हैं।
कामरेड दुर्गा स्वामी ने कहा कि देश में धर्म और जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने की साजिश की जा रही है। धर्मांतरण बिल जैसे कदम सांप्रदायिकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। आदिवासियों से जमीनें छीनी जा रही हैं, दलितों पर लगातार अत्याचार बढ़ रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या राजस्थान में सबसे अधिक दर्ज हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा लगता है मानो कोई सरकार नहीं चल रही है। जनता की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मजदूर, किसान, व्यापारी, महिलाएं, दलित और आमजन पर बढ़ते अत्याचारों, बढ़ते अपराधों, मेडिकल नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीपीएम पूरे देश में आंदोलन तेज करेगी। इसी क्रम में 26 नवंबर को देशभर में जिलाधीश कार्यालयों पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। हनुमानगढ़ में भी जिला कलेक्टर कार्यालय पर पार्टी की ओर से विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिलेभर के किसान, मजदूर, व्यापारी, महिला संगठन और आमजन भाग लेंगे। साथ ही “अक्टूबर क्रांति दृ समाजवाद ही भविष्य है” विषय पर पूरे जिले में 7 नवंबर से तहसील स्तर पर सेमिनारों का आयोजन किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है, किसान अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार यह दावा करती है कि किसान अपनी फसल किसी भी मंडी में बेच सकता है, लेकिन जब हनुमानगढ़ का किसान पंजाब या हरियाणा में अपनी उपज लेकर जाता है, तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं और किसानों को जेल में डाल दिया जाता है। यह नीति किसानों के भाईचारे को तोड़ने का काम कर रही है, जिसका विरोध आवश्यक है।
पूर्व विधायक एवं किसान नेता कामरेड बलवान पूनिया ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है, मेडिकल नशे का फैलाव चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुका है, और किसान अपनी फसलों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं, धान, मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इन हालातों में ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता की लूट की दुकान बन चुके हैं और इनके खिलाफ जनसंघर्ष को तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष के मैदान में उतरें और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं।
बैठक में रघुवीर वर्मा, शेर सिंह, चंद्रकला वर्मा, मनीराम मेघवाल, गोपाल बिश्नोई, जे.पी. ढाका, कमला मेघवाल, सुरेंद्र सोनी, रोहिताश सोलंकी, बसंत सिंह, सरबजीत कौर सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि पार्टी आने वाले समय में आम जनता के हक की लड़ाई को और मजबूत करेगी तथा जनविरोधी नीतियों का हर स्तर पर विरोध जारी रखेगी।
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