ईरान-अमेरिका टकराव से फिर बाजार धड़ाम, जानें दुनिया भर में कितनी हुई तेल की कीमत?

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड (Crude oil price today) का दाम 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। फिलहाल कीमतें करीब 125 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं।

इस खबर के बाहर आते ही घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। अभी सेंसेक्स 922 अंकों की गिरावट के साथ 76600 के लेवल के आसपास बना हुआ है। वहीं, निफ्टी भी अब 302 अंकों की गिरावट के साथ 23875 के स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स ने 850 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 76646 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी। वहीं, निफ्टी 265 अंक फिसलकर 23914 के लेवल पर खुला था। आज बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव है। यह अब तक 1.5 परसेंट तक टूट चुका है। शुरुआती कारोबार में Adani Energy Solutions, Zomato और PFC & REC के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

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आज हो सकता ईरान पर बड़ा फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आज ईरान से जुड़े संभावित सैन्य कदमों पर अहम ब्रीफिंग दी जानी है। अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरान पर सीमित लेकिन असरदार हमलों की योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य सीधे बड़े युद्ध में उलझना नहीं, बल्कि दबाव बनाकर बातचीत के लिए मजबूर करना है।

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इस खबर के सामने आते ही वैश्विक तेल बाजार में तेजी देखी गई। वहीं ईरान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तंज कसते हुए कहा कि तेल की कीमतें अब 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रम्प को गलत सलाह दी जा रही है, जिसके चलते हालात और बिगड़ रहे हैं।गालिबाफ ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीतियों की वजह से तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।

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बाजार में गिरावट क्यों आई?
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं, जिनमें सबसे अहम है कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल। आज क्रूड ऑयल 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है और बाजार पर दबाव दिख रहा है।

फेड के फैसले से बढ़ी चिंता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसका सख्त रुख निवेशकों को डरा रहा है। इससे वैश्विक मंदी की आशंका बढ़ी है और निवेशक सतर्क हो गए हैं।

लंबी छुट्टी का भी असर:1 मई को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहेगा, जिसके बाद वीकेंड की छुट्टियां हैं। लगातार तीन दिन बाजार बंद रहने की वजह से कई निवेशक अपनी पोजीशन कम कर रहे हैं, जिससे बिकवाली बढ़ी।

एशियाई बाजारों का हाल: वॉल स्ट्रीट की गिरावट और महंगे होते कच्चे तेल के असर से एशियाई बाजारों की शुरुआत कमजोर रही।

  • जापान का निक्केई 225 करीब 0.91% गिरा
  • टॉपिक्स इंडेक्स में 1.48% की गिरावट
  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.36% बढ़ा, लेकिन कोस्डैक 0.25% गिरा
  • हांगकांग का हैंग सेंग फ्यूचर्स भी कमजोरी के संकेत दे रहा है

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