10 जून को ट्रॉलियों सहित कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव, प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नहीं किसान

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हनुमानगढ़। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने और सभी पंजीकृत किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने आयोजित किसान पड़ाव बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया। करीब पांच घंटे तक चले इस पड़ाव के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई, लेकिन खरीद लक्ष्य बढ़ाने को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलने पर किसान संगठनों ने 10 जून को गेहूं से भरी ट्रॉलियों सहित कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव करने की घोषणा कर दी।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे से बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित होने लगे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद किसान अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस दौरान किसान-मजदूर संगठनों के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच करीब एक घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन बातचीत किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी।
वार्ता के बाद किसान नेता रामेश्वर वर्मा, रेशम सिंह मानुका व मंगेज चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि प्रशासन की ओर से गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने को लेकर कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया गया। अधिकारियों ने केवल राज्य सरकार को किसानों की मांगों से अवगत कराने के लिए पत्र लिखने की बात कही है। किसान नेता गोपाल बिश्नोई व चरणप्रीत सिंह ने कहा कि इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि किसानों की समस्या का समाधान केवल पत्राचार से नहीं, बल्कि तत्काल खरीद लक्ष्य बढ़ाने से होगा।
किसान नेता रघुवीर वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जहां अन्य जिलों में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाया गया है, वहीं हनुमानगढ़ जिले में खरीद लक्ष्य में लगभग 60 हजार मीट्रिक टन की कटौती कर दी गई है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो भविष्य में किसानों के लिए अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचना और भी कठिन हो जाएगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।

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