नियमितीकरण की मांग को लेकर पंचायत शिक्षक व विद्यालय सहायकों का प्रदर्शन

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-10 जून से बीकानेर निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन पड़ाव की चेतावनी, जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञाप
हनुमानगढ़। राजस्थान पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक महासंघ के बैनर तले बुधवार को पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला कलक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। संघ ने संविदा रूल्स-2022 के तहत कार्यरत पंचायत शिक्षकों एवं विद्यालय सहायकों को नियमित करने की मांग उठाते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
महासंघ के जिलाध्यक्ष महावीर भादू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक पिछले कई वर्षों से ग्राम पंचायतों और शिक्षा विभाग में संविदा आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा संविदा रूल्स-2022 लागू किए जाने के बाद इन कार्मिकों को नियमित करने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्ष 2025 में माननीय उपमुख्यमंत्री द्वारा पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायकों को नियमितीकरण के लिए अनुभव संबंधी शर्तों में शिथिलता प्रदान करते हुए दो वर्ष की छूट देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर आदेश भी जारी किए गए थे, जिससे कर्मचारियों को उम्मीद थी कि नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी। हालांकि घोषणा और आदेश जारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से संविदा कार्मिकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि अधिकांश पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक अब नियमितीकरण के लिए आवश्यक अनुभव की शर्तें पूरी कर चुके हैं। वर्ष 2025-26 में लागू की गई छूट के बाद बड़ी संख्या में कार्मिक पात्र हो गए हैं, फिर भी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष का माहौल है और वे स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

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