सामाजिक न्याय की अधूरी लड़ाई अब पूरी होगी- रामसिंह राव

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– घुमंतू समाज, मूल ओबीसी, खेजड़ी–अरावली संरक्षण और मनरेगा सशक्तिकरण पर राम सिंह राव का प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
हनुमानगढ़। पूर्व राज्य मंत्री एवं वंशावली अकादमी के अध्यक्ष राम सिंह राव ने आज आयोजित प्रेस वार्ता में सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नीतिगत कमियों और सामाजिक असंतुलन के विरुद्ध है।
राम सिंह राव ने घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और वंश लेखक समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज भी यह समाज पहचान, स्थायी आवास, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार हुआ, लेकिन इन समुदायों के लिए केंद्रित और विशेष नीति बनना अभी शेष है। उन्होंने व्यापक सर्वेक्षण, स्थायी आवास व पहचान की गारंटी, विशेष छात्रवृत्ति और वंश लेखन परंपरा को सांस्कृतिक धरोहर घोषित करने की मांग की।
मूल ओबीसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस के सरलीकरण और सामाजिक योजनाओं के विस्तार जैसे कदम सकारात्मक रहे, लेकिन मूल ओबीसी के भीतर असंतुलन की समस्या अब भी गंभीर है। उन्होंने ओबीसी का डेटा आधारित पुनर्मूल्यांकन, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को पृथक सुरक्षा और आरक्षण वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी।
पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए राम सिंह राव ने खेजड़ी आंदोलन को संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की पहचान है। ग्राम स्तर पर संरक्षण समितियों के गठन और कठोर कानून लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अरावली पर्वतमाला के संदर्भ में उन्होंने कहा कि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन आवश्यक है। अवैध खनन और अतिक्रमण पर सख्त मॉनिटरिंग तथा पारदर्शी कार्रवाई की मांग भी उन्होंने की।
संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि असहमति को स्थान देना ही लोकतंत्र की मूल आत्मा है। संसद में विपक्षी नेताओं, विशेषकर राहुल गांधी, को बोलने का अवसर न दिए जाने को उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया। साथ ही उन्होंने मनरेगा को मजबूत करने की आवश्यकता जताते हुए 200 दिन का रोजगार, समय पर भुगतान, बजट वृद्धि और ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार की मांग रखी।
राम सिंह राव ने कहा, “जहाँ अच्छे कार्य हुए, हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन जहाँ सामाजिक न्याय अधूरा है, वहाँ संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।” उन्होंने प्रदेशभर में सम्मेलन, जनसंवाद और आवश्यकता पड़ने पर शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने की घोषणा की।
प्रेस वार्ता को पूर्व राज्यमंत्री राम सिंह राव, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष तरुण विजय, कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामस्वरूप भाटी और राजस्थान कांग्रेस कमेटी व्यापार व उद्योग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेंदर मारवाल ने संबोधित किया। इस अवसर पर पंचायत समिति सदस्य कृष्ण बडीहल, मंडल अध्यक्ष योगेश चौहान, ओबीसी उपाध्यक्ष कृष्ण स्वामी तथा देहात ब्लॉक अध्यक्ष रतनगढ़ पिथाराम जोइया सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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