इन्डस टॉवर के टेक्निशियनों ने वेतन व कन्वेंस बढ़ाने की उठाई मांग

222

– सहायक श्रम आयुक्त को ज्ञापन, मांगें नहीं मानी तो हड़ताल की चेतावनी
हनुमानगढ़। 
इन्डस टॉवर के लिए कार्यरत टेक्निशियनों ने अपने वेतन, कन्वेंस एवं कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग को लेकर जिला श्रम संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के सहायक श्रम आयुक्त व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। टेक्निशियनों ने आरोप लगाया कि नई तकनीक और 24×7 सेवा देने के बावजूद उन्हें नाममात्र का वेतन और बेहद कम कन्वेंस दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में अपर्याप्त है।
ज्ञापन में बताया गया कि वे सभी टेक्निशियन एमआरजी प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं, जो इन्डस टॉवर के लिए सेवाएं प्रदान करती है। इन्डस टॉवर एक प्रमुख टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो एयरटेल, वोडाफोन, जियो, बीएसएनएल सहित अन्य ऑपरेटरों के टॉवर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन व रखरखाव करती है। टेक्निशियनों का कार्य आमजन तक नेटवर्क पहुंचाने और टॉवरों की 24 घंटे, सातों दिन मेंटिनेंस सुनिश्चित करना है।
यूनियन अध्यक्ष रणवीर मटोरिया ने बताया कि वे वर्ष 2008 से इस कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मात्र 10,000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। इसके साथ ही टॉवर मेंटिनेंस के नाम पर प्रति टॉवर केवल 200 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल खर्च दिया जाता है, चाहे एक माह में टॉवर पर एक बार जाना पड़े या 20 बार। एक टेक्निशियन को शहरी क्षेत्र में 20 से 25 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 20 से 22 टॉवरों की जिम्मेदारी दी जाती है, जिनकी देखरेख हर समय करनी पड़ती है।
टेक्निशियनों का कहना है कि आज के समय में महंगाई को देखते हुए यह वेतन पूरी तरह से अपर्याप्त है। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान के सभी टेक्निशियनों द्वारा 17 सूत्री मांगों का ज्ञापन पहले ही कंपनी को सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
टेक्निशियनों ने मांग की है कि सरकार के नए नियमों के अनुसार उनका मासिक वेतन 35,000 रुपये किया जाए। साथ ही प्रति टॉवर 500 रुपये कन्वेंस दिया जाए। रात्रि के समय अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में नेटवर्क मेंटिनेंस के लिए कंपनी द्वारा जिले में फोर व्हीलर वाहन उपलब्ध करवाने तथा प्रति टेक्निशियन साइटों की संख्या भी निर्धारित करने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो सभी टेक्निशियन एकजुट होकर तिथि निर्धारित कर हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसी स्थिति में नेटवर्क बंद होने एवं होने वाले हर प्रकार के लाभ-हानि की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। अंत में जिला कलेक्टर व सहायक श्रम आयुक्त से आग्रह किया गया कि इन्डस टॉवर कंपनी को नियमों के अनुसार वेतन एवं कन्वेंस देने के लिए पाबंद किया जाए। इस मौके पर  महा मंत्री भूपेंद्र ज्याणी, मनीष अरोड़ा, राजेन्द्र गोदारा, यूनियन अध्यक्ष रणवीर मटोरिया, उपाध्यक्ष जतिन कामरा, विजय, सुरेंदर बेनीवाल, नोरंग लाल, सुधीर,, राजेश कुमार, रोहताश, साहबराम, फारुख सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।