हनुमानगढ़ टाउन के ऐतिहासिक भटनेर दुर्ग के समीप स्थित बरकत कॉलोनी, फाटक गौशाला परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का छठा दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण रहा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला, कंस उद्धार तथा रुक्मणि विवाह के पावन प्रसंगों का सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संगीतमय भजनों, जयकारों और तालियों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया। इस पावन अवसर पर प्रख्यात कथा वाचक आचार्य श्री दयानंद जी शास्त्री व्यास पीठ से कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने रासलीला के आध्यात्मिक अर्थ, अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में कंस उद्धार तथा विवाह के माध्यम से गृहस्थ जीवन के आदर्शों को सरल शब्दों में समझाया। आचार्य श्री के ओजस्वी वचनों और मधुर शैली ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। श्रद्धालु कथा के प्रत्येक प्रसंग में भक्ति रस में डूबे नजर आए। गौ सेवा संस्थान, फाटक गौशाला के अध्यक्ष मुरलीधर गर्ग ने जानकारी दी कि यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा हिसारिया परिवार के सौजन्य से आयोजित की जा रही है। आयोजक अशोक हिसारिया ने बताया कि कथा का भव्य समापन 23 मई, शनिवार को प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। समापन अवसर पर सुदामा चरित्र, भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरुओं की कथा तथा परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाया जाएगा, जिसके पश्चात पूर्णाहुति, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मदनचंद हिसारिया, अशोक हिसारिया, सोनू गोयल, प्रदीप गोयल, राहुल हिसारिया सहित समस्त परिवारजनों की सक्रिय भूमिका रही। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्री मदभागवत की इस पावन कथा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार से ओतप्रोत बनाएं।
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