E20 गाड़ी खरीदी है? सरकार E30 की तैयारी में, जानिए आपकी कार-बाइक पर क्या होगा असर?

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भारत सरकार अब पेट्रोल में इथेनॉल (E20 Vehicles) की मात्रा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे नए इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों के मानक तय किए हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में पेट्रोल में 20% से ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा सकता है।

इसी बीच मारुति सुजुकी ने अपनी फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर पेश की है, जो E20 से लेकर E100 तक के ईंधन पर चल सकती है। वहीं हीरो मोटोकॉर्प भी स्प्लेंडर और HF डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल लॉन्च कर चुकी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जो लोग पहले से E20 गाड़ियां चला रहे हैं, उनका क्या होगा?

क्या E20 गाड़ियां E30 पेट्रोल पर चल सकेंगी?
विशेषज्ञों का कहना है कि E20 से E22 या E25 तक का बदलाव कुछ गाड़ियों के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं हो सकता। हालांकि E30 तक पहुंचने के लिए कुछ तकनीकी बदलावों की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए इंजन के सॉफ्टवेयर, फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और कुछ अन्य पुर्जों में बदलाव करना पड़ सकता है। लेकिन अभी ऐसी कोई यूनिवर्सल किट उपलब्ध नहीं है जिसे सभी E20 गाड़ियों में लगाया जा सके।

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क्या मौजूदा E20 गाड़ियों को नुकसान हो सकता है?
अगर इथेनॉल की मात्रा बढ़ाई जाती है, तो कुछ पुरानी E20 गाड़ियों के फ्यूल पाइप, सील, गैस्केट, फ्यूल पंप और इंजेक्टर पर असर पड़ सकता है। इथेनॉल पेट्रोल की तुलना में ज्यादा नमी सोखता है और उसका जलने का तरीका भी अलग होता है। इससे लंबे समय में माइलेज, परफॉर्मेंस और इंजन की उम्र प्रभावित हो सकती है।

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फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की ओर बढ़ रहा है बाजार
इसी बीच ऑटो कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। हाल ही में मारुति सुजुकी ने WagonR Flex Fuel पेश की है, जो E20 से लेकर E100 तक के इथेनॉल मिश्रण पर चल सकती है। वहीं Hero MotoCorp ने Splendor+ और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल लॉन्च किए हैं। फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में विशेष फ्यूल लाइन, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और सॉफ्टवेयर दिए जाते हैं जो अलग-अलग इथेनॉल स्तर को पहचानकर इंजन को उसी हिसाब से एडजस्ट करते हैं।

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क्या फ्यूल एडिटिव्स से समस्या हल हो जाएगी?
नहीं। फ्यूल एडिटिव्स कुछ हद तक इंजन को साफ रखने या ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वे किसी E20 गाड़ी को E85 या ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन के लिए उपयुक्त नहीं बना सकते।

आगे क्या होगा?
फिलहाल E20 भारत में पेट्रोल वाहनों के लिए मानक ईंधन बना रहेगा। वहीं E85 और उससे ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन मुख्य रूप से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए उपलब्ध कराए जा सकते हैं। हालांकि सरकार भविष्य में E22, E25, E27 और E30 जैसे मिश्रणों को बढ़ावा देती है या नहीं, यह कई बातों पर निर्भर करेगा। इसमें वाहन कंपनियों की तैयारी, फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर और उपभोक्ताओं की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल अगर आपके पास E20 वाहन है तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन आने वाले समय में भारत के फ्यूल सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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