-कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान कथित रूप से हुए फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) जयपुर से प्राप्त जानकारी के आधार पर गेहूं खरीद प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि जिले में 803 संदिग्ध पंजीकरणों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में व्यापक गड़बड़ियां की गई हैं, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए।
जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि यदि इन पंजीकरणों की गहन जांच की जाए तो किसानों के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने नकली दस्तावेजों और डुप्लीकेट पंजीकरणों के माध्यम से गेहूं खरीद कर सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाया है। इससे वास्तविक किसानों को नुकसान पहुंचा है और सरकारी राजस्व को भी क्षति हुई है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिन मामलों में एक ही बैंक खाते से अलग-अलग फर्मों या पंजीकरणों के जरिए खरीद की गई है, उनकी विशेष जांच करवाई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि एक ही फर्म ने विभिन्न मंडियों और खरीद एजेंसियों के माध्यम से कितनी बार गेहूं बेचकर लाभ प्राप्त किया। कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि शहरी क्षेत्रों की फर्मों को ग्रामीण क्षेत्रों में खरीद की अनुमति किस आधार पर प्रदान की गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक संगठित गिरोह की गतिविधि प्रतीत होता है, जिसमें मंडी समिति के कुछ अधिकारियों, खरीद एजेंसियों और आढ़तियों की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया गया है। ज्ञापन में कहा गया कि वर्षों से इस प्रकार की अनियमितताएं होती रही हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
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