हनुमानगढ़। सिखों के पंचम गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस सोमवार को जंक्शन के गुरूद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा में ठंडे-मीठे पानी की छबील लगाई गई। सुबह गुरूद्वारा सिंघ सभा जंक्शन में गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिहाड़े पर श्री अखण्ड पाठ के भोग डाले गए। इसके बाद रागी ढाडी जत्थों ने कीर्तन कर गुरु के इतिहास से संगत को निहाल किया। हेड ग्रंथी ने इलाके की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए अरदास की। इसके बाद ठंडे-मीठे पानी की छबील लगाई गई। गुरूद्वारा सिंघ सभा के प्रधान नक्षत्र सिंह ने मीठे पानी का शर्बत ठंडक का प्रतीक है ताकि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को प्यासा न रखें। जब मुगल बादशाह जहांगीर ने गुरु अर्जुन देव जी को गर्म लोहे की कढ़ाई में बैठाकर उन पर गर्म रेत डलवाई तो वे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए और वाहेगुरु का सिमरन करते रहे। उन्हें पानी की बूंद तक के लिए तरसाया गया। उन दिनों जेठ का महीना था और गर्मी का दिन था। गुरु की सहनशीलता के आगे मुगल भी हार गए। तब से उनके शहीदी दिवस पर ठंडे पानी की छबील लगाई जाती है ताकि प्यास की वजह से किसी की आत्मा को कष्ट न हो। इस मौके पर गुरूद्वारा सिंघ सभा के प्रधान नक्षत्र सिंह, कर्मजीत सिंह, इन्द्र सिंह मक्कासर, बलकरण सिंह, करनैल सिंह, गुरूद्वारा मैनेजर राजेन्द्र सिंह सहित सेवादारों ने अपनी सेवाएं दी।
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