– 10 जून का आंदोलन स्थगित, जरूरत पड़ने पर फिर होगा संयुक्त संघर्ष : रामेश्वर वर्मा
हनुमानगढ़। लाल चौक कार्यालय में किसान-मजदूर आंदोलन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की एकजुटता से गेहूं खरीद के मुद्दे पर सरकार के झुकने को आंदोलन की बड़ी जीत बताया गया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संयुक्त संघर्ष के कारण सरकार को गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने और खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि गत वर्ष सरकार ने जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित करते समय वास्तविक उत्पादन की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम लक्ष्य रखा था। जबकि इस वर्ष जिले में करीब 60 हजार बीघा क्षेत्र में गेहूं की अतिरिक्त बुवाई हुई है और उत्पादन भी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक रहा है। ऐसे में किसानों को आशंका थी कि कम खरीद लक्ष्य के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पाएगा, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए किसानों, मजदूरों और व्यापारियों ने मिलकर व्यापक आंदोलन चलाया। आंदोलन के दौरान जिले में सात बड़े प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें पांच हजार से अधिक लोगों की भागीदारी रही। आंदोलन के तहत पीलीबंगा में रास्ता रोको और रेल रोको जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार का ध्यान जिले की वास्तविक स्थिति की ओर आकर्षित किया गया।
सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि लगातार संघर्ष और जनदबाव के चलते सरकार को किसान-मजदूर-व्यापारी एकता के आगे झुकना पड़ा। परिणामस्वरूप सरकार ने गत वर्ष की तुलना में अधिक गेहूं खरीद करने की घोषणा की है। अब हनुमानगढ़ जिले में कुल 8 लाख 96 हजार 438 मेट्रिक टन गेहूं खरीदने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा।
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