पलक झपकते ही सब गायब, क्या है जबलपुर का बरगी बांध? 9 लोगों की मौत कई लापता

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मध्य प्रदेश के जबलपुर के मशहूर पर्यटन स्थल Bargi Dam (बरगी बांध) (Jabalpur Cruise Accident) में गुरुवार 30 अप्रैल 2026 की शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। अबतक 9 लोगों की मौत की जानकारी मिल चुकी है। 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 40 से 45 पर्यटक सवार थे।

बताया जा रहा है कि तेज आंधी और ऊंची लहरों के कारण यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते क्रूज Narmada River में समा गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। ताजा जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह तीन और शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। मृतकों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, जबकि कई यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

लापता लोगों के नाम: प्रशासन के अनुसार जिन लोगों की तलाश जारी है, उनमें शामिल हैं: तमिल (5), विराज (6), मयूरम (9), आरएच सैय्यद, रेशमा सैय्यद (66), पूनम थापा (7), समीम जफर और ज्योति श्रीवास (34)।

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मृतकों के नाम: अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें नीतू सोनी (43), सोभाग्यम अलागन (42), मधुर मैसी (62) और काकुलाझी (38) शामिल हैं। इसके अलावा चार अन्य शव बरामद किए गए हैं, जिनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल को शाम करीब 5:15 बजे पर्यटक क्रूज से Narmada River में भ्रमण कर रहे थे। लगभग 5:30 बजे खमरिया टापू के पास अचानक मौसम खराब हो गया। तेज आंधी, तूफान और ऊंची लहरों के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया। यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते क्रूज पानी में डूब गया। जबलपुर के पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के अनुसार, क्षेत्र में सुबह से ही तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे जोखिम बना हुआ था।

बचाव राहत जारी 
हादसे के तुरंत बाद State Disaster Response Force (SDRF), National Disaster Response Force (NDRF) और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। देर रात तक चले अभियान में अब तक 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हालांकि, घटना को 15 घंटे से अधिक समय बीत जाने के कारण लापता लोगों के जीवित मिलने की संभावना कम होती जा रही है। मौके पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रदेश के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और विधायक राकेश सिंह भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत कार्यों का जायजा लिया।

क्रूज संचालन पर उठे सवाल
बरगी बांध में वर्ष 2006 से पर्यटन के तहत क्रूज संचालन किया जा रहा है। यहां एक हाउस बोट और एक मिनी क्रूज संचालित होते हैं। एक क्रूज की क्षमता लगभग 60 लोगों की बताई जाती है, लेकिन हादसे वाले क्रूज में 40 से अधिक लोगों के सवार होने की बात सामने आई है। टिकट दर करीब 200 से 220 रुपये है, जबकि 5 साल तक के बच्चों को मुफ्त यात्रा की अनुमति दी जाती है।

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बरगी बांध क्या है?
जो लोग इस क्षेत्र से अनजान हैं, उनके मन में सवाल है कि बरगी बांध क्या है? दरअसल, यह मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बना पहला विशाल और महत्वपूर्ण बांध है। इसका निर्माण 1974 में शुरू हुआ और 1990 में यह पूर्ण हुआ। इसे ‘रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना’ के नाम से भी जाना जाता है।

यह बांध न केवल सिंचाई और 90 मेगावाट बिजली उत्पादन के काम आता है, बल्कि जबलपुर का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र भी है। यहाँ मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का रिसॉर्ट है, जहाँ लोग क्रूज सफारी, बोट राइड और वॉटर स्पोर्ट्स के लिए आते हैं। 5.4 किलोमीटर लंबे इस बांध की गहराई और विस्तार इसे बेहद खूबसूरत लेकिन खतरनाक भी बनाता है।

मुख्यमंत्री की आर्थिक सहायता की घोषणा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच है। पूरे प्रदेश की नजर इस दर्दनाक घटना पर बनी हुई है।

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