हनुमानगढ़, 4 अप्रैल। जिला न्यायालय हनुमानगढ़ के समस्त अधिवक्तागणों ने न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की मांग को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की माननीय न्यायाधिपति श्रीमती शुभा मेहता को ज्ञापन प्रेषित किया। यह ज्ञापन पूर्व बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जोधा सिंह भाटी के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें न्यायालयों में व्याप्त विभिन्न प्रशासनिक एवं न्यायिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 में लंबे समय से कोई स्वतंत्र पीठासीन अधिकारी नियुक्त नहीं है। वर्तमान में एक ही अधिकारी पर दो न्यायालयों का अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण मामलों की सुनवाई में अत्यधिक विलंब हो रहा है। पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए शीघ्र न्याय आवश्यक होता है, लेकिन न्यायाधीश की अनुपलब्धता के कारण पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है।
इसी प्रकार, चेक अनादरण (एन.आई. एक्ट) से जुड़े मामलों की सुनवाई हेतु गठित न्यायालय में भी स्थाई पीठासीन अधिकारी का अभाव बना हुआ है। अधिवक्ताओं के अनुसार जिले में हजारों चेक बाउंस के मामले लंबित हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न्यायालय के पूर्ण रूप से संचालित नहीं होने से न्यायिक प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि हनुमानगढ़ जिले में बढ़ते मुकदमों को देखते हुए एक अतिरिक्त एडीजे न्यायालय तथा द्वितीय एन.आई. एक्ट कोर्ट का गठन अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार को ध्यान में रखते हुए एक स्वतंत्र वाणिज्यिक न्यायालय (कमर्शियल कोर्ट) की स्थापना की मांग भी लंबे समय से लंबित है, जिस पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।
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