महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार के नेतृत्व वाला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Sharad Pawar) केंद्र सरकार के परिसीमन (Delimitation) विधेयक का समर्थन कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विपक्षी गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जाएगा, क्योंकि पिछली बार संसद में विपक्ष ने एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध किया था।
इस बीच खबर है कि एनसीपी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ देर रात अलग-अलग बैठकें की हैं। इन बैठकों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या शरद पवार गुट और एनसीपी का दूसरा गुट फिर से एक साथ आ सकते हैं और किसी रूप में एनडीए का समर्थन कर सकते हैं।हालांकि, इन बैठकों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
इन अटकलों के बीच एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “फिलहाल पार्टी का कोई आधिकारिक रुख नहीं है। इस मुद्दे पर पार्टी के अंदर चर्चा होगी, उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।”
क्या है परिसीमन (Delimitation)?
परिसीमन वह प्रक्रिया है, जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाएं और संख्या तय की जाती हैं। केंद्र सरकार इस संबंध में नया परिसीमन कराने की तैयारी कर रही है, जिसे लेकर देश की राजनीति में पहले से ही बहस चल रही है।
फिलहाल, शरद पवार गुट की ओर से इस मुद्दे पर अंतिम फैसला आना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
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