अगर आपका फोन अचानक तेज आवाज करने लगे और स्क्रीन पर बड़ा सा मैसेज दिखाई दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई स्कैम या हैकिंग नहीं, बल्कि सरकार द्वारा भेजा गया एक इमरजेंसी अलर्ट या टेस्ट मैसेज हो सकता है। दरअसल, देशभर में एक नए आपदा अलर्ट सिस्टम (Cell Broadcast msg) की टेस्टिंग चल रही है, जिसके जरिए आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सकेगी।
इस नई तकनीक को पूरी तरह लागू करने से पहले देशभर में इसका परीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को अपने मोबाइल पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में ‘टेस्ट मैसेज’ मिल सकते हैं। ये मैसेज सिर्फ उन फोन पर आएंगे, जिनमें Cell Broadcast टेस्ट अलर्ट चालू है। परीक्षण के दौरान एक से ज्यादा मैसेज भी आ सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि ये सभी मैसेज सिर्फ टेस्टिंग के लिए हैं और लोगों को किसी भी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
देशभर में लागू हुआ ‘SACHET’ अलर्ट सिस्टम
NDMA ने ‘इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम’ यानी SACHET को सफलतापूर्वक लागू कर दिया है। इसे दूरसंचार विभाग के रिसर्च संस्थान C-DOT ने विकसित किया है। यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानक CAP (Common Alerting Protocol) पर आधारित है और फिलहाल देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहा है। इस सिस्टम के जरिए प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की चेतावनी और चक्रवात जैसी घटनाओं के दौरान अब तक 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं, वो भी 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में।

अब आएगा और तेज अलर्ट: Cell Broadcast तकनीक
सरकार ने अब SMS के साथ-साथ Cell Broadcast (CB) तकनीक भी शुरू की है। यह तकनीक खासतौर पर भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने या गैस लीक जैसी आपात स्थितियों में बेहद उपयोगी होगी। Cell Broadcast सिस्टम की खासियत यह है कि यह किसी एक इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ मैसेज भेज सकता है, जिससे अलर्ट लगभग तुरंत पहुंच जाता है।
ये भी पढ़ें: Instagram पर धड़ाधड़ घटते फॉलोअर्स के बीच, राघव चड्ढा ने जारी किया नया VIDEO
बता दें, टेस्टिंग पूरी होने के बाद यह सिस्टम देशभर में लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद आपात स्थिति में सभी मोबाइल फोन पर बिना किसी सेटिंग के अलर्ट पहुंचाया जा सकेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचेगी।सरकार ने लोगों से इस टेस्टिंग प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि यह कदम आपदा के समय लोगों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा।
चैनल को सब्सक्राइब करें
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।



































