नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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– स्व. दीपक खारवाल के परिवार को न्याय और सेवा से हटाए गए संविदा नर्सेज की बहाली की उठाई मांग
हनुमानगढ़। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर स्वर्गीय दीपक खारवाल के परिवार को न्याय दिलाने तथा प्रदेशभर में सेवा से हटाए गए संविदा नर्सेज की शीघ्र सेवाबहाली की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि वार्ता में बनी सहमति पर शीघ्र आदेश जारी नहीं होने से नर्सेज में आक्रोश बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि 12 जून 2026 को एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में राज्य सरकार और राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता में स्व. दीपक खारवाल के परिवार को अधिकतम आर्थिक सहायता, उनकी पत्नी करिश्मा को राजमेस के माध्यम से योग्यता अनुसार संविदा नियुक्ति, परिवार को इंदिरा आवास एवं पालनहार योजना का लाभ तथा सेवा से हटाए गए प्लेसमेंट एजेंसी के नर्सेज को यूटीबी एवं आरएमआरएस के माध्यम से पुनर्नियुक्ति देने सहित कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी।
समिति का कहना है कि सहमति के कई दिन बाद भी किसी भी बिंदु पर सरकार की ओर से आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इससे सेवा से हटाए गए नर्सेज मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि स्व. दीपक खारवाल जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से सभी सहमति बिंदुओं पर आदेश जारी किए जाएं।
समिति ने यह भी मांग उठाई कि प्रदेश के एसएमएस मेडिकल कॉलेज, आरयूएचएस एवं अन्य मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए हटाए गए नर्सेज को प्राथमिकता के आधार पर यूटीबी के माध्यम से नियुक्त किया जाए। साथ ही नियमित भर्ती का विज्ञापन मेरिट एवं बोनस अंकों के आधार पर जारी किया जाए तथा नर्सेज की ठेका प्रथा और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त किया जाए।

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