वाशिगंटन: अमेरिका और तालिबान के बीच 29 फरवरी को हुआ शांति समझौता 48 घंटे भी नहीं टिक सका। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक तालिबानी लड़ाकू ने देर रात हमला किया जिसमें अफगान सेना और पुलिस के 20 लोग मारे गए। प्रोविंशियल काउंसिल के एक सदस्य सैफुल्ला अमीरी के मुताबिक तालिबानी लड़ाकू ने तीन सैनिक चौकियों पर एक साथ हमले को अंजाम दिया। इसके अलावा इन्होने उरुजगान की एक पुलिस पोस्ट पर भी हमला किया। 10 सैनिक, 4 पुलिसवाले और 6 सिविलियन की मौत हो गई है जबकि 7 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अमेरिका ने बुधवार तालिबानी लड़ाकों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका फोर्स ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में की है, जहां पर तालिबान का एक बड़ा अड्डा था। अमेरिका और तालिबान में हुए शांति समझौते के बाद जब अफगानिस्तान ने कुछ लड़ाकों को रिहा करने से इनकार कर दिया तो मामला बिगड़ गया. इसके तुरंत बाद तालिबान समझौते से अलग हुआ और बुधवार को हमला करना शुरू कर दिया।
बता दें कि करीब 20 साल तक जंग लड़ने के बाद अमेरिका और तालिबान शांति समझौते के लिए राजी हुए थे। हालांकि ये समझौता ज्यादा देर नहीं टिक सका और 48 घंटों में ही तालिबान ने अफगान सेना पर हमला करके किसे नकार दिया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को तालिबान के डिप्टी लीडर मुल्ला अब्दुल गनी से बात की थी।
इससे पहले कतर में अमेरिका और तालिबान ने दुनिया के कई देशों के सामने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप ने इस बातचीत के बाद दावा किया था कि शांति समझौता कायम है, ट्रंप ने इस दौरान कहा था कि 29 फरवरी को जो डील साइन हुई थी, उसपर आगे बढ़ना जरूरी है। ट्रंप ने कहा था कि मैंने तालिबानी नेता से बात की और ये शानदार रही।








































