‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

23

-हनुमानगढ़ में राहुल गांधी के कोटा संवाद का लाइव प्रसारण, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित तीन प्रमुख मांगें रखीं
हनुमानगढ़। 
देशभर के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ के तहत गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी हनुमानगढ़ कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कोटा में छात्रों एवं युवाओं के साथ किए गए संवाद का लाइव प्रसारण सुना गया। कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और छात्रों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस द्वारा शुरू किया गया 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। इसके तहत छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों, महाविद्यालयों, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में भी 30 जून से महाविद्यालय खुलते ही पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभाएं और छात्र संपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत छात्रों की समस्याओं और सुझावों को एकत्रित कर सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2026 को देश के सभी 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव किया जाएगा तथा 9 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के साथ अभियान के प्रथम चरण का समापन होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी एवं रतनगढ़ विधायक पुसाराम गोदारा ने कहा कि यह अभियान उन लाखों छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है, जिनकी मेहनत बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और विभिन्न संस्थाओं की कथित विफलताओं के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर छात्रों का विश्वास कमजोर हुआ है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।