न्यू ईयर (Happy New Year Scam) पर व्हाट्सऐप पर आने वाला एक साधारण सा बधाई मैसेज भी आपके लिए मुसीबत बन सकता है। कई लोग खुशी-खुशी ऐसे मैसेज खोल लेते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि इसके पीछे साइबर ठग बैठे हैं। अक्सर मैसेज में लिखा होता है – “Happy New Year 2025, आपकी खास ग्रीटिंग देखने के लिए यह फाइल डाउनलोड करें।” जैसे ही यूजर साथ में भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल खतरे में पड़ जाता है।
कुछ ही घंटों में फोन अपने आप ऐप खोलने लगता है, कॉन्टैक्ट्स एक्सेस होने लगते हैं और कई मामलों में बिना जानकारी बैंक अकाउंट से पैसे भी कट जाते हैं।
कैसे होता है ये न्यू ईयर APK स्कैम
साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि ये APK फाइलें फोन में इंस्टॉल होते ही अंदर से पूरा कंट्रोल ले लेती हैं। त्योहारों के समय लोग ज्यादा सतर्क नहीं रहते और जल्दी में अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक कर देते हैं। ठग इसी आदत का फायदा उठाते हैं। हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि न्यू ईयर के मौके पर व्हाट्सऐप, SMS और ईमेल के जरिए फर्जी APK फाइल और खतरनाक लिंक तेजी से फैलाए जा रहे हैं।
APK फाइल क्या होती है?
APK एक तरह की फाइल होती है, जिससे एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल किए जाते हैं। जैसे कंप्यूटर में .exe फाइल होती है, वैसे ही मोबाइल में APK होती है। आमतौर पर मोबाइल ऐप Google Play Store से सुरक्षित तरीके से डाउनलोड किए जाते हैं। लेकिन जब कोई APK फाइल व्हाट्सऐप या लिंक से आती है, तो उसमें वायरस होने का खतरा रहता है।
स्कैम ऐसे फैलता है?
साइबर एक्सपर्ट तुषार शर्मा के मुताबिक, स्कैम की शुरुआत अक्सर किसी दोस्ताना न्यू ईयर मैसेज से होती है। कई बार यह मैसेज किसी जान-पहचान वाले के नंबर से आता है, क्योंकि ठग पहले से हैक किए गए व्हाट्सऐप अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। मैसेज पर क्लिक करने के बाद एक रंगीन न्यू ईयर पेज खुलता है और फिर “ग्रीटिंग देखने के लिए ऐप डाउनलोड करें” कहा जाता है। यहीं लोग फंस जाते हैं।
साइबर एक्सपर्ट कहते हैं – “कोई भी ग्रीटिंग देखने के लिए ऐप की जरूरत नहीं होती। अगर कोई मैसेज डाउनलोड या परमिशन मांगे, तो समझ जाइए कि वो बधाई नहीं, धोखा है।”

अब बदला ठगों का तरीका
पहले ठग RTO चालान या सरकारी योजना के नाम पर APK भेजते थे। अब न्यू ईयर और क्रिसमस के मौके पर वही फाइलें New Year Gift, Party Pics या Greeting App जैसे नाम से भेजी जा रही हैं, ताकि लोग बिना सोचे डाउनलोड कर लें।
APK इंस्टॉल होते ही क्या नुकसान होता है
ऐप इंस्टॉल होने के बाद फोन में ऐसी परमिशन मांगता है, जिनका ग्रीटिंग से कोई मतलब नहीं होता, जैसे –
- SMS पढ़ने की अनुमति
- नोटिफिकेशन देखने की अनुमति
- कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज का एक्सेस
इन परमिशन के जरिए ठग OTP देख लेते हैं, बैंक अलर्ट पढ़ लेते हैं और व्हाट्सऐप अकाउंट भी हैक कर लेते हैं।
भारत में लोग क्यों जल्दी फंस जाते हैं
- ज्यादातर लोग व्हाट्सऐप पर ज्यादा भरोसा करते हैं
- भारत में ज्यादातर फोन एंड्रॉयड हैं
- त्योहारों के समय लोग ज्यादा सावधान नहीं रहते
- हिंदी और लोकल भाषा में मैसेज ज्यादा भरोसेमंद लगते हैं
इन संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
- ग्रीटिंग देखने के लिए ऐप डाउनलोड करने को कहा जाए
- अनजान या अजीब सा लिंक हो
- कोई ऐप बिना वजह SMS या नोटिफिकेशन की अनुमति मांगे
अगर गलती से क्लिक कर दिया हो तो क्या करें
- तुरंत उस ऐप को फोन से हटा दें
- मोबाइल का इंटरनेट बंद कर सिक्योरिटी स्कैन करें
- दूसरे फोन से बैंक और व्हाट्सऐप के पासवर्ड बदलें
- बैंक को तुरंत जानकारी दें
- अपने कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट करें
- cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 पर कॉल करें
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