गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार की शुरुआत के कुछ ही मिनटों में भारी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों की संपत्ति में जबरदस्त कमी आ गई। बुधवार को बाजार बंद होने तक BSE Sensex कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,22,01,433.48 करोड़ था, जो गुरुवार सुबह 10:03 बजे तक घटकर ₹4,11,94,176 करोड़ रह गया। यानी एक घंटे से भी कम समय में करीब ₹10 लाख करोड़ का नुकसान हो गया।
गुरुवार को BSE Sensex 1400 अंकों से ज्यादा गिरकर खुला, जबकि Nifty 50 में करीब 2% की गिरावट (share market crash) आई और यह 22,300 के नीचे चला गया। सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
हर सेक्टर में बिकवाली का दबाव
बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में करीब 1.6% की गिरावट आई। मिडकैप शेयर 1.2% और स्मॉलकैप शेयर 1.5% तक लुढ़क गए। इंडस्ट्रियल, इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा और एविएशन सेक्टर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
ये शेयर सबसे ज्यादा गिरे
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 3% से ज्यादा गिरावट आई। HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis बैंक के शेयर 1.5% से 2.5% तक टूटे। लार्सन एंड टुब्रो में 3% से ज्यादा गिरावट रही। अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज भी 3% से ज्यादा गिरे। इंटरग्लोब एविएशन 4% से ज्यादा और सन फार्मा करीब 5% तक टूट गया।
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आईटी सेक्टर ने दिखाया थोड़ा सहारा
आईटी शेयरों में गिरावट का असर कम रहा। HCL टेक्नोलॉजीज में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि इंफोसिस और TCS में गिरावट तो आई लेकिन बाकी बाजार के मुकाबले कम रही।

- बाजार गिरने के बड़े कारण
इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें सामने आई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें करीब 5% बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। इससे बाजार में डर का माहौल बन गया है। - विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। 1 अप्रैल को विदेशी निवेशकों ने ₹8,331 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थानों की खरीदारी ₹7,172 करोड़ रही, जो इस दबाव को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
- तकनीकी रूप से भी बाजार कमजोर दिख रहा है। Nifty 22,770 के स्तर को बनाए नहीं रख पाया, जिससे गिरावट और तेज हो गई। वहीं India VIX में 5% की बढ़ोतरी से बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत मिला है।
- इसके अलावा RBI द्वारा रुपये के बाजार में सट्टेबाजी रोकने के लिए नियम सख्त करने के बाद बैंकिंग शेयरों पर खास दबाव देखा गया। Nifty Bank इंडेक्स में करीब 2.6% की गिरावट आई, जो व्यापक बाजार से ज्यादा है।
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