संवाददाता सूरज कुमार लखनऊ- संत परंपरा और सनातन धर्म के एक महान स्तंभ, उज्जैनिया पट्टी के पूज्य श्री श्री 1008 महंत संतराम दास जी महाराज का गोलोकवास हो गया है। वे हनुमानगढ़ी के प्रतिष्ठित संत महंत श्री राजूदास जी महाराज के परम पूज्य गुरुदेव थे। उनके ब्रह्मलीन होने के समाचार से पूरे संत समाज, शिष्य परंपरा और श्रद्धालु वर्ग में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोशल मीडिया (ट्विटर) के माध्यम से पूज्य महाराज श्री के देवलोकगमन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के जिला अध्यक्ष दुर्गेश पांडे ने बताया कि पूज्य महाराज श्री पिछले एक सप्ताह से लखनऊ के मेदांता चिकित्सालय में उपचाराधीन थे। वहां से अयोध्या धाम लौटने के उपरांत आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
शाम को हुआ अंतिम संस्कार
पूज्य महाराज श्री के नश्वर शरीर को श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शनार्थ रखा गया है। दोपहर 3:00 बजे उनकी अंतिम शोभा यात्रा (बैकुंठी) निकाली गयी , जिसके पश्चात शाम 4:00 बजे पावन सरयू नदी के कच्चा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार और संत परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ ।
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