20 अगस्त को लोकसभा में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पास हो गया। ये बिल (online gaming bill) ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने और रियल-मनी गेम्स पर रोक लगाने के लिए है। अगर राज्यसभा में भी ये बिल पास हो गया, तो सभी मनी बेस्ड ऑनलाइन गेम्स पर रोक लग जाएगी। चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक लगेगी।
इस बिल के आने के बाद, ड्रीम 11, गेम्स 24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां मुश्किल में पड़ सकती हैं। इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करोड़ों रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है।
एक अनुमान के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता है। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी।
क्यों लाना चाहती है सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर बिल
सरकार का कहना है कि मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।
इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है।
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The Lok Sabha passes The Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025. #MonsoonSession2025 | #OnlineGamingBill | #ResponsibleOnlineGaming pic.twitter.com/yzd4yPWvAw
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 20, 2025
(आसान भाषा में समझिए) रियल-मनी गेम्स, स्किल बेस्ड और चांस बेस्ड गेम में फर्क
| कैटेगरी | क्या होते हैं | उदाहरण (ऐसे कौन-से गेम) | कानूनी स्थिति (बिल पास होने के बाद) |
|---|---|---|---|
| रियल-मनी गेम्स | असली पैसे से खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम्स, जहाँ जीतने पर कैश रिवॉर्ड मिलता है | Dream11, MPL Fantasy, Poker, Rummy, Online Ludo टूर्नामेंट | पूरी तरह बैन |
| स्किल-बेस्ड गेम्स | जीत-हार खिलाड़ी की स्किल, अनुभव और रणनीति पर निर्भर | फैंटेसी क्रिकेट, पोकर, रमी, शतरंज, ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट | बिल पास होने के बाद बैन |
| चांस-बेस्ड गेम्स | जीत-हार किस्मत पर निर्भर, खिलाड़ी का कंट्रोल नहीं | लॉटरी, स्लॉट मशीन, रूलेट, पासा, कैसिनो गेम्स | पहले से कई राज्यों में बैन, अब ऑनलाइन पूरी तरह बैन |
| फ्री-टू-प्ले गेम्स | इसमें पैसा नहीं लगता, सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए खेला जाता है | Candy Crush, Subway Surfers, PUBG Free Matches, Ludo (फ्री वर्जन) | कानूनी रहेंगे |
यूजर्स पर कैसा पड़ेगा इसका असर
भारत में करीब 50 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े हैं। अगर ये बैन लागू होता है, तो वो रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स पर गेम नहीं खेल पाएंगे। इंडस्ट्री का कहना है कि इससे लोग गैरकानूनी साइट्स या विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर जाएंगे, जहां कोई सुरक्षा नहीं होगी। इससे फ्रॉड, डेटा चोरी, और लत का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, जो लोग इन गेम्स से थोड़ा-बहुत कमा रहे थे, उनकी कमाई भी बंद हो जाएगी।
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बिल में किन चीजों पर मिली है छूट
बिल में फ्री-टू-प्ले और सब्सक्रिप्शन बेस्ड गेम्स को छूट दी गई है, जहां पैसे का दांव नहीं लगता। यानी, अगर आप कोई गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए खेलते हैं या उसका फिक्स्ड सब्सक्रिप्शन देते हैं, तो वो चल सकता है। इसके अलावा, ई-स्पोर्ट्स और नॉन-मॉनेटरी स्किल बेस्ड गेम्स को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।
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