हनुमानगढ़। बुधवार को जंक्शन स्थित काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर में धार्मिक आस्था और भक्ति से परिपूर्ण माहौल देखने को मिला। श्री नीलकंठ महादेव सेवा प्रन्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जगदगुरु स्वामी कृपालु जी महाराज के प्रमुख प्रचारक डॉ. स्वामी युगल शरण जी महाराज का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस मौके पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना और आराधना के साथ हुई। इसके पश्चात प्रवचन कार्यक्रम में डॉ. स्वामी युगल शरण जी ने अपने प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य का परम लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति है और यह लक्ष्य तभी संभव है जब वह सांसारिक कार्यों के बीच भी भक्ति को प्राथमिकता दे। गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी ईश्वर का भजन करना कठिन नहीं है, बल्कि सही निष्ठा और सत्संग से यह मार्ग सहज हो जाता है। उन्होंने उदाहरणों और सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि नियमित रूप से भजन, ध्यान और साधना करने से मनुष्य अपने भीतर शांति और ईश्वर का सानिध्य अनुभव कर सकता है।
प्रवचन के दौरान स्वामी जी ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में व्यस्त होकर अपने वास्तविक उद्देश्य को भूलता जा रहा है। जबकि सच्चा सुख भक्ति मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने जीवन में सत्संग, साधना और सेवा को अपनाने का संदेश दिया।
प्रन्यास अध्यक्ष अश्विनी नारंग ने कहा कि स्वामी युगल शरण जी का आशीर्वाद हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। उनके प्रवचनों से हमें जीवन में भक्ति का महत्व समझने का अवसर मिला है। नारंग ने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी भगवान की भक्ति करना संभव है, और इसी संदेश को समाज में फैलाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि प्रन्यास समय-समय पर ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत हो सके।
इस अवसर पर प्रन्यास अध्यक्ष अश्विनी नारंग, सुरेंद्र गाड़ी, चिमन मित्तल बब्बू, भीष्म कौशिक, वीरेन्द्र गोयल बब्बी भटेवाले, रामचंद्र बाघला, महावीर शर्मा, अनिल शर्मा, नरेश बाघला, राजकुमार नागपाल, दीपक नारंग, सुनील मिड्ढ़ा सहित अन्य सदस्यों ने स्वामी जी का शॉल उढ़ाकर अभिनंदन किया। साध्वी वंदना, कृष्णा सहित अन्य साध्वियों द्वारा भजनों का गुणगान किया गया। पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया और मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल छा गया।
ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































