अतिवृष्टि व जीडीसी में पानी की अधिक आवक से फसलें नष्ट

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-नौरंगदेसर वितरिका यूनियन ने किसानों को मुआवजा दिलाने हेतु मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। नौरंगदेसर वितरिका यूनियन के अध्यक्ष अनिल कसवां के नेतृत्व में शुक्रवार को उपखण्ड अधिकारी मांगीलाल सुथार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में अतिवृष्टि और गंगनहर (जीडीसी) में लम्बे समय तक अत्यधिक पानी की आवक के कारण खराब हुई फसलों का आंकलन कर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि नौरंगदेसर वितरिका जल संसाधन खण्ड, हनुमानगढ़ में जीडीसी की 75 आरडी से 133 आरडी के बीच आने वाले चक नंबर 2 एमडब्ल्यू, 4 एमडब्ल्यू, 5 एमडब्ल्यू, 12 एनडीआर ए व बी, 15 एनडीआर ए व बी, 16 एनडीआर, 17 एनडीआर, 3 एमडब्ल्यूएम आदि क्षेत्रों के खेतों में बीते 25 दिनों से पानी भरा हुआ है। जीडीसी में अनावश्यक और अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने तथा लगातार बारिश के कारण इन खेतों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
किसानों ने बताया कि पानी की अधिकता से उनकी आजीविका का मुख्य साधन नष्ट हो गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यधिक दयनीय हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर मुआवजा और सहायता नहीं मिली, तो भविष्य में आत्महत्या जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जीडीसी में क्षमता से अधिक मात्रा में पानी की आवक जारी रही, तो इन क्षेत्रों में सेम की समस्या भी खड़ी हो सकती है। ऐसी स्थिति में भविष्य में यहां फसल उगाना लगभग असंभव हो जाएगा।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई गई कि प्रभावित चकों में खराब हुई फसलों का विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिलाया जाए, ताकि पीड़ितों को आर्थिक सहारा मिल सके। किसानों ने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से ही उनकी पीड़ा कम हो सकती है।

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