फिट हनुमानगढ़ मूवमेंट’ के तहत 55 किलोमीटर साइकलिंग रैली आयोजित

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-हनुमानगढ़ साइकलिंग क्लब ने दिया स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश – कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने की सराहना, नागरिकों से साइकिल को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान
हनुमानगढ़। फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रविवार को ‘फिट हनुमानगढ़ मूवमेंट’ के तहत हनुमानगढ़ साइकलिंग क्लब हनुमानगढ़ की ओर से एक प्रेरणादायक साइकिल रैली आयोजित की गई। यह रैली शहर के ट्रैफिक पुलिस थाना से शुरू होकर कोहला, नोरंगदेसर, रावतसर, धन्नासर होते हुए डीआरसी विलेज तक पहुंची। कुल 55 किलोमीटर की इस यात्रा में प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक और समाजसेवी सहित विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। सभी ने स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश देते हुए साइकिल को अपनी दिनचर्या में अपनाने का संकल्प लिया।
रैली को न्यायाधीश अमित कड़वासरा, कमांडेंट होमगार्ड प्रियंका कड़वासरा, सहायक निदेशक अभियोजन पुष्पेंद्र सिंह शेखावत और समाजसेवी कृष्ण जांगिड़ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साइकिल रैली के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह देखते ही बनता था। महिलाएं, पुरुष और युवा मिलकर फिटनेस और प्रदूषण मुक्त जीवन का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे थे।
इस रैली की खास बात यह रही कि कमांडेंट प्रियंका कड़वासरा, प्रिंसिपल रेखा भादू और अध्यापिका सुमन शर्मा ने भी पूरे 55 किलोमीटर साइकिल चलाकर एक मिसाल कायम की। इनके साथ डॉ. राम सियाग (फिजियोथेरेपिस्ट), डॉ. तीर्थराज शर्मा (डिप्टी डायरेक्टर आयुर्वेद), पवन सरावगी, सौरभ बत्रा, आनंद जोशी, तेज नारायण परिहार, बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष जोधा सिंह भाटी, संजय जैन और किशन कुमार जांगिड़ सहित 20 से अधिक सदस्यों की टीम ने शहरवासियों को प्रेरित किया। उक्त रैली में 12 वर्षीय प्रियंवध सिंह शेखावत ने भी साईकिलंग कर इतिहास रचा।
आयोजन समिति के पुष्पेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना और लोगों में साइकिलिंग की आदत विकसित करना है। उन्होंने कहा कि हर रविवार एक नया ट्रैक तय किया जाएगा और लोगों को साइकिलिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। “जो व्यक्ति इस मशीनी युग में स्वेच्छा से साइकिल चलाता है, वह वास्तव में स्वास्थ्य का ब्रांड एंबेसडर है,”।
कमांडेंट प्रियंका कड़वासरा ने कहा कि साइकिलिंग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है। ऐसे प्रयासों से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। न्यायाधीश अमित कुमार कड़वासरा ने कहा कि इस तरह के आयोजन आज की जरूरत हैं, क्योंकि यह लोगों को निष्क्रिय जीवनशैली से बाहर लाते हैं और सामूहिक प्रेरणा देते हैं।

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