मैं गाली क्यों खाऊं सबका नम्बर आएगा, नितिन गडकरी ने किस पर साधा निशाना, देखिए VIDEO

203

नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें नितिन गडकरी बता रहे हैं देशभर में खराब सड़कों और हाईवे की हालत को लेकर लगातार उन्हें गालियां सुनने को मिलती है। लेकिन अब  उन्होंने बड़ा ऐलान किया है कि वह जल्द ही ऐसा OR कोड लेकर आ रहे है जिसमें सड़क बनाने वाली की सभी जानकारी होगी।

गडकरी ने यह बयान मंगलवार को CII नेशनल कॉन्फ्रेंस में दिया। इस कार्यक्रम का विषय था “स्मार्ट सड़कों का भविष्य – सुरक्षा, स्थिरता और लचीलापन”। उन्होंने साफ कहा कि “हर गलती का ठीकरा मेरे सिर पर क्यों फोड़ा जाए? जो खराब काम कर रहे हैं, जनता को उनके बारे में पता चलना चाहिए।”

राजमार्ग मंत्री ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया “मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सड़कों के किनारे बड़े-बड़े होर्डिंग्स (hoardings) लगवाएं, जिन पर क्यूआर कोड लगे हों। इससे लोग चलते-चलते ही इन कोड्स को स्कैन करके जान लें कि मंत्री कौन है, सेक्रेटरी कौन है, कौन सा कांट्रेक्टर है। कांट्रेक्टर का भी फोटो छपे, सेक्रेटरी का भी फोटो छपे, कंसल्टेंट (consultant) और सरकारी अधिकारियों का नाम नंबर छपे। सिर्फ मेरा नाम ही क्यों आए?”

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

उन्होंने यह भी कहा, “सोशल मीडिया में मैं ही सिर्फ गाली खाऊं? जो खराब काम करेंगे वो गाली खाएंगे। सबको पता चले कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।” इसका मतलब है कि अब सड़क खराब होने पर सिर्फ़ मंत्री को ही नहीं, बल्कि सीधे तौर पर ज़िम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सड़क खराब है और लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं, तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सड़क बनाने के काम में ‘ए से ज़ेड’ तक, यानी शुरू से लेकर अंत तक, हर किसी को ज़िम्मेदारी, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ काम करना होगा। सड़कें अच्छी बननी चाहिए और अच्छी रहनी चाहिए। इसके लिए स्पष्ट साइनबोर्ड (signboards) लगाए जाने चाहिए, जिन पर साफ-साफ लिखा हो कि कौन ज़िम्मेदार है। उसका नंबर होगा ताकि लोग उन्हें फोन कर सकें। नितिन गडकरी की इस पहल की सोशल मीडिया पर जमकर तारिफ हो रही है। यूजर्स का कहना है कि जब पांच रुपये के बिस्किट के पैकट पर सारी जानकारी होती है तो फिर 100 करोड़ रुपये में बनने वाली सड़कों की जानकारी क्यों नहीं होती।

चैनल को सब्सक्राइब करें?

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।