हरियाणा के झज्जर में 4.4 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली-NCR में महसूस हुए तेज झटके

507

दिल्ली (Earthquake Delhi )में गुरुवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में था। यहां रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.4 थी। इसकी वजह से दिल्ली और NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए। किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।

भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

हालांकि, अब तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप दोपहर के समय करीब 1:58 बजे आया और इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी कर लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की गई है।

ये भी पढ़ें: ट्रंप का नया टैरिफ वार: 1 अगस्त से 7 देशों पर लगेगा 30% तक शुल्क, देखें पूरी लिस्ट

हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें 

भूकंप क्यों आते हैं?

  1. प्लेटों की हलचल (Tectonic Plates Movement):
    पृथ्वी की बाहरी परत कई टुकड़ों (प्लेटों) में बंटी हुई है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से हिलती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, खिसकती हैं या एक-दूसरे के नीचे घुसती हैं, तो बहुत ज़्यादा दबाव बनता है।

  2. दबाव का टूटना (Release of Pressure):
    जब यह दबाव एक सीमा से ज़्यादा हो जाता है, तो वह अचानक टूट जाता है और ऊर्जा बाहर निकलती है। यही ऊर्जा ज़मीन को हिला देती है — जिसे हम भूकंप कहते हैं।

ये भी पढ़ें: Galaxy Z Fold 7 लॉन्च, Samsung का अब तक का सबसे एडवांस फोल्डेबल फोन, जानें कीमत

  1. फॉल्ट लाइन (Fault Line):
    जहां-जहां ये प्लेटें टकराती हैं, वहां “फॉल्ट लाइन” होती है। इन्हीं क्षेत्रों में भूकंप आने की संभावना ज़्यादा होती है।

  2. गहराई और तीव्रता:
    भूकंप की तीव्रता (intensity) और गहराई (depth) इस बात पर निर्भर करती है कि ऊर्जा कितनी थी और कितनी गहराई में इसका केंद्र (epicenter) था।

भारत में भूकंप क्यों आते हैं?
भारत एक ऐसा देश है जो टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है — खासकर हिमालयी क्षेत्र में। इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टकराहट की वजह से उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व भारत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील (Seismic Zone) माने जाते हैं।

ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।