नवज्योति विशेष शिक्षा महाविद्यालय में विश्व ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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-समाज में समानता एवं सहयोग की ओर बढ़ता कदम, पीड़ितों के लिए राज्य सरकार का योगदान सराहनीय
हनुमानगढ़। नवज्योति विशेष शिक्षा महाविद्यालय में आज “विश्व ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी दिवस” (World Duchene Muscular Dystrophy Day) पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस प्रतिवर्ष सितम्बर माह में दुनिया भर में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ड्यूकेन और बेकर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारियों के बारे में समाज में जागरूकता फैलाना, पीड़ित परिवारों को सहयोग देना तथा अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (DMD) एक दुर्लभ किन्तु गंभीर बीमारी है जो मुख्यतः लड़कों को प्रभावित करती है। इसमें मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर हो जाती हैं, जिसके चलते चलने-फिरने, सांस लेने और हृदय संबंधी कार्यों पर गहरा असर पड़ता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति एवं उनके परिवार को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समाज का सहयोग और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।
संस्था निदेशक डॉ. पायल गुम्बर ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों को इस बीमारी की गंभीरता से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जिसमें पीड़ित व्यक्तियों को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन मिले। वहीं , संस्था सचिव भीष्म कौशिक जी ने अपने संबोधन में राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा समय-समय पर ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित व्यक्तियों को मोटराइज्ड व्हील चेयर एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय कार्य है। इससे पीड़ित व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलती है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाते हैं।
इस अवसर पर हनुमानगढ़ इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक भारतेंदु सैनी मुख्य और  हनुमानगढ़ इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्या डॉ. रेखा तनेजा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाते हैं बल्कि समाज को यह संदेश भी देते हैं कि हमें कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करनी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित कोर्स कोऑर्डिनेटर बिपिन कुमार, ममता तिवारी, मनीष कुमार पाण्डेय, पंकज बिश्नोई, नारायण दास पटेल, विभा शर्मा, भारत शर्मा सहित समस्त शिक्षकगण मौजूद रहे। सभी ने इस कार्यक्रम को सार्थक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार की गतिविधियों के आयोजन पर बल दिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों और शिक्षकों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि ड्यूकेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सहयोग के अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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