-मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 मई से तालाबंदी, बैंकिंग कार्य प्रभावित होने के आसार
हनुमानगढ़। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर स्पष्ट किया है कि यदि 1 मई तक मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो जिलेभर में सहकारी समितियों में तालाबंदी कर दी जाएगी और कार्य बहिष्कार को और तेज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार कर्मचारियों की विभिन्न मांगें पिछले कई महीनों से लंबित हैं। इस संबंध में पूर्व में कार्य बहिष्कार भी किया गया था और विभागीय कमेटी के साथ तीन दौर की वार्ता हुई थी। इन वार्ताओं में चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति भी बनी, लेकिन अब तक किसी भी बिंदु पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। समिति ने आरोप लगाया कि विभाग केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रहा है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से कॉमन कैडर या कैडर अथॉरिटी के गठन का मुद्दा उठाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बजट एवं अनुदान पारित होने तक इस संबंध में ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई, तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।
संघर्ष समिति ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है। इसके तहत सहकारी समितियों द्वारा केंद्रीय सहकारी बैंकों में जमा सावधि जमा (एफडी) और आवर्ती जमा (आरडी) की राशि को पूरी तरह निकालने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा वैदयनाथ पैकेज की सिफारिशों के अनुसार शेयर कैपिटल या हिस्सा राशि को भी वापस लेने की तैयारी है।
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