घुमंतू समाज को मुख्यधारा से जोड़ने पर मंथन, जनाधिकार समिति की बैठक संपन्न

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-संगठन विस्तार के साथ नई नियुक्तियां घोषित, समाज हित में निरंतर कार्य का लिया संकल्प
हनुमानगढ़।
 स्थानीय दुर्गा मंदिर धर्मशाला में ‘घुमंतू अर्द्ध घुमंतू विमुक्त जाति उत्थान न्यास’ की जनाधिकार समिति राजस्थान की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें घुमंतू समाज को मुख्यधारा से जोड़ने, उनके अधिकारों की रक्षा और संगठन के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने विचार रखे और आगामी कार्ययोजना पर सहमति बनाई।
बैठक के मुख्य अतिथि महेंद्र सिंह (क्षेत्रीय प्रमुख प्रचारक, घुमंतू कार्य) ने अपने संबोधन में घुमंतू परिवारों के सामने आने वाली सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घुमंतू समाज लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है, जिसे अब संगठित प्रयासों के माध्यम से मुख्यधारा में लाना आवश्यक है। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता को अपनाने का आह्वान किया।
वहीं प्रांत संयोजक श्रवण कुमार बंजारा ने वंचित वर्गों के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उजागर करना नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करना भी है। उन्होंने भविष्य की रणनीति साझा करते हुए बताया कि जनाधिकार समिति प्रदेशभर में अपने नेटवर्क को मजबूत करेगी और प्रत्येक जिले में सक्रिय इकाइयों का गठन करेगी।

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