गेहूं खरीद व्यवस्था के विरोध में बड़ा आंदोलन, टाउन-जंक्शन मंडियां बंद

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– किसान, मजदूर व व्यापारियों का संयुक्त धरना, प्रशासन नहीं पहुंचा तो कलेक्ट्रेट कूच का ऐलान
हनुमानगढ़।
 गेहूं खरीद व्यवस्था में आ रही तकनीकी खामियों और सरकार की कथित नीतियों के विरोध में हनुमानगढ़ में आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को जंक्शन धानमंडी में किसान, मजदूर और व्यापारियों ने संयुक्त रूप से कृषि उपज मंडी समिति के समक्ष धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान टाउन और जंक्शन दोनों स्थानों पर मंडियां पूरी तरह बंद रहीं और व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गईं।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ यह धरना लगातार दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप मंडी के सभी गेट बंद कर दिए, जिससे किसी भी प्रकार की आवक-जावक नहीं हो सकी। बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और व्यापारी धरना स्थल पर मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उनका कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
धरने के दौरान विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। व्यापार संघ अध्यक्ष पदमचंद जैन, व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मपाल डिंपल जिंदल, खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष सुमित रणवा, फूड ग्रेन व्यापार मंडल अध्यक्ष महावीर सहारण, फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनिवास किरोड़ीवाल, सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, सीटू जिला सचिव शेर सिंह शाक्य, सुलतान खान, गुरप्रेम सिंह, किसान अवतार सिंह बराड़, मजदूर नेता सतपाल दामड़ी ने संयुक्त रूप से कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरल और पारदर्शी तरीके से गेहूं खरीद शुरू की जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने व्यवस्था को और अधिक जटिल बना दिया है।

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