सोनम वांगचुक के समर्थन में निकाले गए ‘चलो संसद’ मार्च (CJP Protest) के दौरान सोमवार को दिल्ली में उस वक्त तनाव बढ़ गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो प्रदर्शनकारियों के साथ संसद की ओर बढ़ने लगे। रास्ते में मौजूद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया है। उन्होंने विपक्ष के सांसदों से अपील की है कि वे तुरंत सड़कों पर उतरे छात्रों के समर्थन में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से कार्रवाई कर रही है और उनकी पिटाई कर रही है।
🚨#JustIn: DIPKE HAS BEEN PICKED UP BY THE POLICE!
WE REQUEST ALL MPs TO IMMEDIATELY STAND IN SUPPORT OF THE STUDENTS ON THE STREETS!
THE POLICE IS BRUTALLY CRACKING DOWN AND BEATING UP PEACEFUL PROTESTERS.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटना पड़ा। इस बीच, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने सोमवार सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया है। उनके मुताबिक, वह और पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने जा रहे हैं, जहां आंदोलन और मांगों पर चर्चा हो सकती है।
मोदी विद्यार्थियों पर गोलियां चलवा रहा है और जो देश के भविष्य पर गोली चलवाए क्या वो कभी देश भक्त हो सकता है?
शर्म करो कमीनो वो कोई आतंकवादी नहीं इसी देश के बच्चे हैं।😡#DharmendraPradhanResign #CJPProtest #संसद_मार्च pic.twitter.com/OZsYVdBe5I
— Cockroach Janta Party (@Swatantrvoice) July 20, 2026
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। सोनम वांगचुक को हाल ही में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद भी उनके समर्थकों ने संसद मार्च का ऐलान किया था।

कांग्रेस ने किया विरोध
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘एक व्यक्ति एक जायज़ मकसद के लिए लड़ रहा है और पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर है। सरकार को थोड़ी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। इंसानी ज़िंदगी और ये मुद्दे, दोनों ही बराबर अहमियत रखते हैं। सरकार ऐसे आंदोलनों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और CRPF जैसी पुलिस फ़ोर्स का इस्तेमाल कर रही है। ऐसा लगता है कि यह सरकार किसी अलग ही दुनिया में जी रही है और कोई उन्हें सही रास्ते पर नहीं ला सकता।’
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