सीटू से संबद्ध पल्लेदार मजदूर यूनियन का दूसरा सम्मेलन संपन्न

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-चारों लेबर कोड, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान
हनुमानगढ़। जनशक्ति भवन, हनुमानगढ़ टाउन में जगदंबा एवं प्राइवेट गोदाम पल्लेदार मजदूर यूनियन (सीटू) का द्वितीय सम्मेलन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत यूनियन के ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद मजदूर अधिकारों एवं जनवादी आंदोलनों के लिए संघर्ष करते हुए शहीद हुए साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सम्मेलन की अध्यक्षता जगदीश यादव, शोपत राम,  एवं गुरदेव के अध्यक्ष मंडल ने की।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए वरिष्ठ मजदूर नेता कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय देश के मजदूर वर्ग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण दौर है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लंबे संघर्षों से प्राप्त श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू किए हैं, जिससे श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन, बुढ़ापा पेंशन, ईएसआई, ईपीएफ, दुर्घटना बीमा और अन्य श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता है।
सम्मेलन में विभिन्न मजदूर और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कामरेड सुल्तान खान, बहादुर सिंह चौहान, गुरु प्रेम सिंह, विनय कुमार, रणजीत, बसंत सिंह तथा रिछपाल सिंह राठौड़ सहित अन्य वक्ताओं ने यूनियन को बधाई देते हुए मजदूर हितों के संघर्ष में सहयोग का आश्वासन दिया।
सम्मेलन में प्रस्तुत रिपोर्ट पर 11 प्रतिनिधियों ने चर्चा में भाग लिया और अपने सुझाव रखे। सुझावों पर जवाब देते हुए सीटू जिला महासचिव कामरेड शेर सिंह शाक्य ने कहा कि श्रमिक वर्ग देश की उत्पादन व्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन उसे उसके श्रम का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता, संघर्ष और संगठन को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों का सबसे अधिक प्रभाव मजदूर और आम जनता पर पड़ रहा है।
शाक्य ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई के कारण गैस, पेट्रोल, डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने मजदूरों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने और संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। सर्वसम्मति से कामरेड संदीप बसौड़ को अध्यक्ष, शोपत राम को कोषाध्यक्ष, गुरदेव राम को सचिव, श्रीचंद को उपाध्यक्ष तथा जगदीश यादव सुबोध पटेल, हरदेव सिंह और विजय कुमार को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। एक पद भविष्य में मनोनयन के लिए रिक्त रखा गया।

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