महिला कौशल प्रशिक्षण व साइबर जागरूकता शिविर का शुभारंभ

89

-7 दिवसीय शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा तकनीक व साइबर सुरक्षा का मिलेगा प्रशिक्षण
हनुमानगढ़। महिलाओं एवं बेटियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा  सोमवार, 30 मार्च 2026 से बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज में महिला कौशल प्रशिक्षण एवं साइबर अपराध जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया गया। यह शिविर सात दिनों तक चलेगा, जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष जितेंद्र गोयल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सी.आई. संतोष ढाका एवं पार्षद अंजना जैन ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि जितेंद्र गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को इस प्रकार के शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि संतोष ढाका ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से आमजन व महिलाओं में आत्मरक्षा की जागरूकता बढ़ेगी। महिलाएं स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रह सकें। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए सावधानी बरतने के महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
समाजसेवी सुमन चावला ने कहा कि आज 21 वीं सदी में जहां आधुनिकता बढ़ी है, वहीं कुछ युवा नशे की लत के कारण अपनी सुध बुध भुला चुका है। महिलाओं व बेटियों को आत्मनिर्भर होते हुए अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा और अपनी आत्मरक्षा हमारा प्रथम अधिकार है। बेटियां अगर इस आत्मरक्षा शिविर में भाग लेकर अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होगी तभी यह शिविर सार्थक है।
महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति की अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें अनेक चुनौतियों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में आत्मरक्षा के गुर सीखना उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग जितना आवश्यक है, उतना ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए बेटियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।