चार साहिबजादे व माता गुजरी का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल होने पर सिख समाज ने किया अभिनंदन

170

– पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी का मक्कासर में भव्य स्वागत, सरोपा पहनाकर किया सम्मान
हनुमानगढ़। चार साहिबजादे एवं माता गुजरी के गौरवशाली इतिहास को राजस्थान शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करवाने पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व वीर बाल दिवस 25 दिसंबर चार साहिबजादों की याद में घोषणा होने पर सिख समुदाय द्वारा शनिवार को गांव मक्कासर में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में  पूर्व सरपंच जगजीत सिंह जग्गी के नेतृत्व में सिख समाज के लोगो ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी सहित अन्य प्रतिनिधियों का सिख समाज की ओर से सरोपा व श्री साहिब देकर सम्मान किया गया। समारोह में एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा नेता अमित सहू, बाबूलाल जुनेजा एवं देवेंद्र अग्रवाल का सरोपा पहनकर अभिनन्दन किया।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के गांव मक्कासर पहुंचते ही पूरे गांव का माहौल उत्साह और श्रद्धा से भर गया। भव्य आतिशबाजी के साथ “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। सिख समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सरपंच जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि अब तक देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को अकबर और मुगलों का इतिहास तो पढ़ाया जाता रहा, लेकिन धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले चार साहिबजादों और माता गुजरी का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब कक्षा पांचवीं से ही लाखों बच्चों को चार साहिबजादों और माता गुजरी के बलिदान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इस निर्णय से सिख समाज मे उत्साह का माहौल है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।