पुरी में जमीन के नीचे छिपा है रहस्य? जगन्नाथ मंदिर से समुद्र तक सुरंग के संकेत से मची हलचल

300

ओडिशा के Puri से एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसने इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हाल ही में हुई एक ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) सर्वे में संकेत मिले हैं कि प्रसिद्ध Shree Jagannath Temple के नीचे एक प्राचीन बस्ती दबी हो सकती है। इतना ही नहीं, मंदिर से समुद्र तक जाने वाली एक संभावित भूमिगत सुरंग के भी संकेत मिले हैं।

यह सर्वे IIT Gandhinagar के विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिसकी लागत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। ओडिशा ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (OBCC) के जरिए मंदिर प्रशासन के लिए यह सर्वे कराया गया था। हालांकि इस पूरे मामले में एक बड़ा कन्फ्यूजन भी सामने आया है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि उन्हें अभी तक पूरी रिपोर्ट नहीं मिली, जबकि IIT गांधीनगर का दावा है कि रिपोर्ट जमा कर दी गई है। बाद में OBCC ने स्वीकार किया कि रिपोर्ट अधूरी थी। RTI के जरिए रिपोर्ट हासिल करने वाले अधिवक्ता दिलीप बराल ने इस पूरे क्षेत्र में जल्द से जल्द वैज्ञानिक खुदाई और संरक्षण की मांग की है। गौरतलब है कि इससे पहले भी मंदिर के रत्न भंडार में गुप्त सुरंग या कक्ष होने की खबरें आई थीं, जिन्हें बाद में खारिज कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें: Dhurandhar 2 में आखिर कौन है यालिना जमाली? रियल लाइफ कनेक्शन ने बढ़ाई दर्शकों में हलचल

जमीन के नीचे क्या मिला?
इस स्कैन में करीब 21.6 वर्ग मीटर क्षेत्र में कई असामान्य संरचनाएं मिलीं—जिनमें दीवारें, कक्ष और एक सुरंग जैसी आकृति शामिल है, जो सीधे बंगाल की खाड़ी की दिशा में जाती हुई प्रतीत होती है। सिर्फ यही नहीं, कुल 43 संभावित ऐतिहासिक स्थलों की पहचान भी की गई है।

इनमें Emar Math, Nrusingha Temple, Budhi Maa Temple जैसे स्थान शामिल हैं। जमीन के अंदर से मिट्टी के बर्तन के टुकड़े, धातु की वस्तुएं और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें भी मिलने के संकेत मिले हैं, जो इस इलाके के प्राचीन इतिहास की ओर इशारा करते हैं।

पंचदूत अब व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध है। लिंक पर क्लिक करें और अपने चैट पर पंचदूत की सभी ताज़ा खबरें पाएं।

परिक्रमा प्रोजेक्ट के दौरान भी मिले थे ऐसे संकेत
यह सर्वे 2022 में श्रीमंदिर परिक्रमा प्रोजेक्ट के दौरान हुई खुदाई के बाद शुरू किया गया था, जब एक टूटी हुई शेर की मूर्ति मिली थी, जिसे East Ganga Dynasty काल का माना जा रहा है। उस दौरान 30 फीट लंबी दीवार और एक बड़ा कक्ष भी मिला था, जिसे लेकर अटकलें थीं कि यहां कभी सोने की मूर्तियां रखी जाती थीं।

बता दें, इस खबर के बाहर आने के बाद, मंदिर के वरिष्ठ सेवायत बिनायक दास मोहापात्रा ने इन निष्कर्षों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर सरकार के पास कोई आधिकारिक रिपोर्ट है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत गहरा है, इसलिए यहां जल्द से जल्द विस्तृत पुरातात्विक सर्वे होना चाहिए।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।